कारण : • सीने में स्थित श्वांस नली और उसकी शाखाओं में बार-बार होने वाला इंफेक्शन।• न्यूमोनिया भी ब्रोंकाइटिस का मुख्य कारण होती है।• टी.बी. का इंफेक्शन भी इसका एक प्रमुख कारण होता है। अगर शुरुआत में ही टी.बी. इंफेक्शन का समुचित इलाज हो जाए तो ब्रोंकाइटिस से बचा जा सकता है।• कुछ लोगों में यह रोग जन्मजात होता है।• इसके अलावा ऐंटीट्रिप्सिन नामक एंजाइम की कमी, रयूमेटाइड ऑर्थराइटिस और अन्य आटोइम्यून बीमारियां भी ब्रोंकाइटिस का कारण बनती हैं।• बैक्टीरिया या विषाणु का संक्रमण भी ब्रोंकाइटिस का कारण हो सकता हैं।• धूम्रपान और वायु प्रदूषण के कारण भी यह बीमारी…
Author: News India Web
यदि समय पर बेरीबेरी का उपचार न हो तो इस रोग से व्यक्ति की मौत भी संभव है। ऐसे में यदि आपके खाने में प्रचुर मात्रा में विटामिन बी 1 है तो बेरीबेरी रोग का खतरा बेहद कम हो जाता है। मीट, डेरी उत्पाद तथा अनाज विटामिन बी 1 के मुख्य स्त्रोत हैं जो बेरीबेरी रोग से आपकी सुरक्षा करते हैं और इस रोग के होने की सम्भावना को कम करते हैं। बेरीबेरी रोग दो तरह का होता है पहला आर्द्र बेरीबेरी (Wet Beriberi) और दूसरा शुष्क बेरीबेरी (Dry Beriberi)। शुष्क बेरीबेरी नर्व को कमजोर कर देता है जिससे मांसपेशियों…
कारण : अरक्तता मस्तिष्क का दौरा (Ischemic stroke)दौरा पड़ने का सबसे आम कारण है। यह दिमाग के किसी रक्तवाहिनी के संकीर्ण होने या अवरोधर निर्माण होने के कारण होता है। यह भी दो प्रकार का होता है 1.1. थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक (Thrombotic stroke)इस प्रकार के मस्तिष्क के दौरे में मस्तिष्क की रक्त वाहिनी में खून के जम जाने के कारण या थक्के के कारण अवरोध हो जाता है। जिन रोगियों में खून के अंदर कोलेस्ट्रॉल का प्रमाण ज्यादा होता है, ऐसे रोगियों की रक्तवाहिनी में भीतरी स्तर पर वसा जमा हो जाती है जिसे प्लाक कहते है। इस पर खून का…
सीने में दर्द ( Chest Pain) की बात आते ही हम दिल के दौरे (Heart Attack) की बात सोचने लगते हैं, मगर सीने में दर्द कई कारणों से हो सकता है। फेफड़े, मांसपेशियाँ, पसली, या नसों में भी कोई समस्या उत्पन्न होने पर सीने में दर्द होता है। किसी-किसी परिस्थिति में यह दर्द भयानक रूप धारण कर लेता है जो मृत्यु तक का कारण बन जाता है। लेकिन एक बात ध्यान में रखें कि खुद ही रोग की पहचान न करें और सीने में दर्द को नजरअंदाज न करें, तुरन्त चिकित्सक के पास जायें। कारण : एनजाइना (Angina) : हृदय…
इस अंदरूनी दीवार की सतह पर बालों से भी छोटे और करोड़ों की संख्या में मौजूद रोये इन दूषित पदार्थों को गले के भीतर जाने से रोकते हैं और जो दूषित पदार्थ इन रोओं से बच कर अंदर पहुंच जाते है उन्हें हमारे आमाशय में मौजूद अम्ल (Acid) नष्ट कर देता है जब हमें सर्दी होती है तो इसका मतलब है कि विषाणुओं (Virus) ने इस प्रतिरोधी कवच को भेदकर भीतरी कोशिकाओं पर आक्रमण कर दिया है। जब यह विषाणु संक्रमण (Viral Infection) होता है तो हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) भी सक्रिय (Active) हो जाती है। ऐसी स्थिति में…
कारण : • ऐसे आहार जिनमें चर्बी और शक्कर ज्यादा हों और रेशे कम हों। • काफी मात्रा में तरल पदार्थ न लेना। • निष्क्रिय रहना। • जब आप को मल त्याग की इच्छा हो तब शौचालय न जाना। लक्षण : • ऐंठन हो, दर्द हो, पेट फूल जाए या मतली हो • ऐसा महसूस हो कि आपकी अँतड़ियां पूरी तरह से खाली नहीं हुई हो • मल त्याग के लिए ज़ोर लगाना पड़े आयुर्वेदिक उपचार : • एक चुटकी काला नमक गुनगुने पानी में डालें और उसे सुबह खाली पेट पीकर 15 मिनट तक चहलकदमी करें, कब्ज़ में अवश्य…
सर्दी की शुरूआत गले में हल्के दर्द के साथ होती है जिसके बाद जुकाम तथा अन्य परेशानियां शुरू हो जाती हैं। सर्दी में बुखार भी हो यह जरूरी नहीं है लेकिन यदि बुखार आता है तो यह फ्लू (flu) या बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection) हो सकता है। सर्दी की शुरूआत कोल्ड वायरस के इंफेक्शन के दो से तीन दिन दिन के बाद होती है जो कि तीन से सात दिन तक रहती है। कारण : सर्दी हिनोवायरस (rhinovirus) से फैलती है जो कि 10 से 40 प्रतिशत तक सर्दी को शरीर में प्रवेश कराता है। वहीं कोरोनावायरस (coronavirus) लगभग 20…
हैजा (Haija) ऐसी जगह पर ज्यादा फैलता है जहां, साफ सफाई का अभाव हो, सीवरयुक्त पानी की सप्लाई हो, साग-सब्जी सीवर के पानी में उगाई जा रही हों या किसी का घर नाले आदि के पास स्थित हो। हैजा, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, किसी में भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों में भी इस रोग के होने की आशंका ज्यादा रहती है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। हैजा में व्यक्ति के शरीर से पानी के साथ कई जरूरी लवण, सोडियम और पोटेशियम आदि भी निकल जाते हैं, जिससे व्यक्ति के शरीर का रक्त अम्लीय हो…
कारण : सोते समय मोटे तकिए का उपयोग इसका एक कारण है।• बैठने की गलत स्थिति के कारण, लंबे समय तक एक जैसी स्थिति में बैठना। कंप्यूटर पर ज्यादा देर तक काम करने वाले व्यक्ति, दंत चिकित्सक, वाहन चालक, हेलमेट धारक आदि को यह अन्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा होता है।• विद्यार्थी एवं ऐसे व्यक्ति जो भारी बैग पीठ या कंधे पर लटकाए रहते हैं, वे इससे पीड़ित होते हैं।• किसी चोट या फ्रैक्चर के कारण यह दर्द होता है।• कुछ अन्य रोगों में भी यह दर्द प्रकट होता है।• एक जैसी स्थिति में लगातार टीवी, कंप्यूटर, वीडियो गेम आदि…
चिकनगुनिया के लक्षण (Symptoms of Chikungunya)चिकनगुनिया में जोड़ों के दर्द के साथ साथ बुखार आता है और त्वचा खुश्क हो जाती है। चिकनगुनिया सीधे मनुष्य से मनुष्य में नहीं फैलता है। यह बुखार एक संक्रमित व्यक्ति को एडीज मच्छर के काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को काटने से फैलता है। चिकनगुनिया से पीड़ित गर्भवती महिला को अपने बच्चे को रोग देने का जोखिम होता है। कारण : • मच्छरों का पनपना।• रहने के स्थान के आसपास गंदगी होना।• पानी का जमाव। लक्षण : • उल्टी होना• एक से तीन दिन तक बुखार के साथ जोड़ों में दर्द और सूजन होना•…