हमारे नाक और गले की भीतरी दीवार बलगम (Mucus-मयूकस) का स्राव करती है। बलगम एक चिपचिपा पदार्थ होता है जिस में धूल, पराग कण, जीवाणु और विषाणु अटक कर रह जाते हैं और फेफड़ों में नहीं जा पाते।
इस अंदरूनी दीवार की सतह पर बालों से भी छोटे और करोड़ों की संख्या में मौजूद रोये इन दूषित पदार्थों को गले के भीतर जाने से रोकते हैं और जो दूषित पदार्थ इन रोओं से बच कर अंदर पहुंच जाते है उन्हें हमारे आमाशय में मौजूद अम्ल (Acid) नष्ट कर देता है
जब हमें सर्दी होती है तो इसका मतलब है कि विषाणुओं (Virus) ने इस प्रतिरोधी कवच को भेदकर भीतरी कोशिकाओं पर आक्रमण कर दिया है। जब यह विषाणु संक्रमण (Viral Infection) होता है तो हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति (Immunity) भी सक्रिय (Active) हो जाती है।
ऐसी स्थिति में नाक की नसों (Veins) में अधिक मात्रा में रक्त बहने लगता है। जिसकी वजह से वह भाग लाल और गर्म प्रतीत होता है। बलगम वाली अंदरूनी परत में सूजन आ जाने से सांस लेने वाला मार्ग अवरुध्द हो जाता है और हमें नाक से सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है।
जुकाम में होने वाली परेशानी (Issues in Common Cold)
बलगम पैदा करने वाली कोशिकायें कई गुना अधिक मात्रा में बलगम बनाती हैं, जिनमें से कुछ हिस्सा तो पेट में चला जाता है, मगर अधिकांश नाक से बाहर बहने लगता है। इसी दौरान नाक में मौजूद तंत्रिकायें मस्तिष्क (Brian) तक संदेश पहुंचाती हैं जिसके फलस्वरूप मस्तिष्क नाक और मुंह के चारों ओर मौजूद मांसपेशियों (Muscles) का प्रसारण व संकुचन करता (Expand and Contract) हैं और हमें छींके आने लगती हैं।
जुकाम सर्दियों की बजाय गर्मियों में ज्यादा होता है, क्योंकि गर्मियों में गर्म से ठंढे व ठंढेे से गर्म माहौल में लगातार आना-जाना होता है। आजकल जुकाम (Jukam) का सबसे प्रमुख कारण एलर्जी (Alergy) है।
कारण :
• हवा में मौजूद बैक्टीरिया या वायरस जब कभी सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, तो एलर्जी हो जाती है। नतीजा यह होता है कि पानी या बलगम नाक से बाहर आने लगते हैं।
• हमारे गले में दो तरह के बैक्टीरिया मौजूद होते हैं – कुछ अच्छे और कुछ बुरे। कभी-कभी सर्दी-गर्मी बढ़ने, एकदम ठंडा-गर्म खाने, ठंडे से गर्म व गर्म से ठंडे माहौल में जाने, ठंडा पानी ज्यादा पीने या बारिश में भीगने से गले के बुरे बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया ही गले में इन्फेक्शन कर देते हैं और जुकाम (Jukam) की वजह बनते हैं।
लक्षण :
आँख से पानी बहना
• कान में दर्द होना
• गले में दर्द होना
• नाक से पानी बहना
• सरदर्द होना
• हरारत महसूस होना
आयुर्वेदिक उपचार :
• लहसुन (Garlic)
लहसुन का जीवाणुरोधी और एंटीवायरल (antiviral) गुण सर्दी के लक्षणों से छुटकारा प्राप्त करने में बहुत सहायक होता है। लहसुन प्रतिरक्षा प्रणाली (immunity) के लिए अच्छा है और श्वसन मार्ग (respiratory process) को खोलने में मदद करता है।
कैसे करें उपयोग
• एक कप पानी में लहसुन की कली, दो चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच शहद, और आधा चम्मच लाल मिर्च या लाल मिर्च पाउडर मिलाएं। इसे तब तक रोज खाएं जब तक सर्दी जुकाम से आराम ना हो।
• एक कप पानी में 4-5 कटे हुए लहसुन की कली उबाल लें और एक चम्मच शहद डालें। इसे दिन में दो से तीन बार सेवन करें।
• शहद (Honey)
शहद में मौजूद एंजाइम (enzyme) में, उच्च मात्रा में बैक्टीरिया और वायरस को मारने के गुण होते हैं। शहद से गले का सूखापन दूर होता है और जुका्म जल्दी ठीक हो जाता है।
कैसे करें उपयोग
• सबसे सरल उपाय घर पर एक चम्मच नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाएं। ठंडक और गले में खराश से राहत पाने के लिए हर दो घंटे में लें। यदि आप चाहें, तो एक चम्मच कच्चा शहद भी खा सकते हैं।
• मसाला चाय (Masala chai)
किचन में रखे मसालों से बनी चाय जुकाम में बहुत जल्दी राहत देती है।
कैसे करें उपयोग
• एक चौथाई कप सूखा भुने हुए धनिया बीज पीसकर इसमें आधा चम्मच जीरा और सौंफ के बीज और एक चौथाई चम्मच मेथी के बीज मिलाएं। अब एक कप पानी उबाल लें और इसमें आधा चम्मच तैयार मसाला और आधा चम्मच मिश्री डालें। तीन से चार मिनट उबालें। इसके बाद दूध डालें और गरम गरम पीएं।
• अदरक (ginger)
अदरक अपने एंटीवायरल, एस्पेक्टरेन्ट (expectorant) गुणों के कारण सर्दी से राहत देता है।
कैसे करें उपयोग
• कच्चा अदरक खाने या एक दिन में अदरक की चाय कई बार पीने से लाभ होता है। अदरक की चाय के प्रभाव को बढ़ाने के लिए, चाय में नींबू का रस और शहद मिलाएं।
• अदरक, लौंग और नमक का एक पेस्ट तैयार करें। आधा चम्मच खा सकते हैं।
• नाक बह रही हो तो बराबर मात्र में सूखा अदरक पाउडर (Dry ginger powder) मक्खन या घी और गुड़ (jaggary) मिलाकर छोटी छोटी गोली बनाएं। सुबह रोजाना खाली पेट एक गोली खाएं।
• लाल प्याज का सीरप (Syrup of red onion)
घर के बने लाल प्याज सीरप से भी सर्दी से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है।
कैसे करें उपयोग
• 2-3 लाल प्याज को बारीक गोल टुकड़ों में काट लें। एक बर्तन में प्याज का एक टुकड़ा रखें और कच्चा शहद मिलाएं। जब तक बर्तन भर न जाए तब तक प्रक्रिया को दोहराएं। कटोरे को ढक कर रखें और 12 से 15 घंटे के लिए छोड़ दें। प्याज सीरप की तरह मोटी परत में जम जाएगा।
• चिकन का सूप (Chicken soup)
चिकन सूप कई में कई आवश्यक पोषक तत्व विटामिन हैं जो आम सर्दी के लक्षणों के उपचार में मदद करते हैं। चिकन सूप के उच्च एंटीऑक्सीडेंट गुण जुकाम को ठीक करने की प्रक्रिया में तेजी लाते हैं। सर्वोत्तम परिणामों के लिए, जैविक सब्जियों और चिकन का उपयोग कर, घर का बना चिकन सूप तैयार करें।
बचाव :
• साधारण जुकाम अपने आप पांच दिन में ठीक हो जाता है।
• अगर बलगम सफेद हो तो यह एलर्जी की निशानी है। यह साधारण जुकाम होता है।
• जुकाम को पांच दिन से ज्यादा हो जाएं या साथ में खांसी, बलगम, बदन दर्द व बुखार भी हो, तो समझना चाहिए कि आम जुकाम नहीं है।
• अगर बलगम पीला हो हो व सांस की दिक्कत के साथ बुखार भी हो तो बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है।
• ऐसे में डॉक्टर के पास जाना चाहिए। अगर कफ़ के साथ खून भी आए तो चिंताजनक बात है। यह टी.बी. का लक्षण हो सकता है। ऐसे में तुरन्त डॉक्टर से परामर्श लें।
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