नाक बह रही है, या बंद है जिससे कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है, गले में दर्द महसूस हो रहा है या गले में चुभन और छिला (scratchy throat) जैसे महसूस हो रहा है और खांसी के साथ बलगम (muscus) परेशान कर रहा है तो समझ लीजिए आप सर्दी- जुकाम और कफ से परेशान हैं।
सर्दी की शुरूआत गले में हल्के दर्द के साथ होती है जिसके बाद जुकाम तथा अन्य परेशानियां शुरू हो जाती हैं। सर्दी में बुखार भी हो यह जरूरी नहीं है लेकिन यदि बुखार आता है तो यह फ्लू (flu) या बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection) हो सकता है। सर्दी की शुरूआत कोल्ड वायरस के इंफेक्शन के दो से तीन दिन दिन के बाद होती है जो कि तीन से सात दिन तक रहती है।
कारण :
सर्दी हिनोवायरस (rhinovirus) से फैलती है जो कि 10 से 40 प्रतिशत तक सर्दी को शरीर में प्रवेश कराता है। वहीं कोरोनावायरस (coronavirus) लगभग 20 प्रतिशत सर्दी के लिए जिम्मेदार होता है। इनके अलावा रेसपीरेटरी सिंसीटायल वायरस (respiratory syncytial virus) और पैराइंफ्लूएंजा वायरस (parainfluenza virus) 10 फीसदी तक सर्दी के लिए जिम्मेदार होते हैं।
सर्दी, संक्रमण से भी फैलती है। एक संक्रमित व्यक्ति या उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए सामान के संपर्क में आने से दूसरे को भी सर्दी की समस्या हो सकती है। यह वायरस शरीर के अंदर पहुंचकर व्यक्ति की रोग क्षमता को प्रभावित करते हैं और काफी मात्रा में बलगम बनाना शुरू कर देते हैं, जिससे गला और नाक पूरी तरह प्रभावित हो जाते हैं। इतना ही नहीं संक्रमित व्यक्ति के छींकने (sneezing), उससे हाथ मिलाने से भी सर्दी के बैक्टीरिया दूसरे व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं।
• कमरे में सीलन या घुटन हो
• तेज धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीना
• शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होन
• बहुत तेज परफ्यूम या तेल का इस्तेमाल
• ऑफिस या घर के बाहर बिना हाथ साफ किए खाना-पीना
लक्षण :
• आंखों से खूब पानी आना और जलन होना
• आवाज भारी होना
• खाने में स्वाद और खुशबू महसूस न होना
• गला छिला हुआ या दर्द महसूस होना
• छींक आना
• नाक का बंद होना
• नाक से खूब पानी गिरना
• नाक से गले की ओर बलगम का गिरना
• मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव होना
• सिर भारी महसूस होना या हल्का दर्द होना
आयुर्वेदिक उपचार :
• हल्दी (Turmeric)
आधा कप गर्म पानी को उबाल लें फिर उसमें एक चम्मच काली मिर्च पाउडर (black pepper powder), एक चम्मच हल्दी पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाएं। अब इस मिश्रण को दो से तीन मिनट तक उबाल लें और नियमित तौर पर काढ़े की तरह पीएं।
• अदरक (Ginger)
अदरक को घिसकर या छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक कप पानी में डालकर उबाल लें। दिन भर में तीन से चार बार इस घोल को पीएं। शहद और नींबू को अदरक के रस में मिलाकर पीने से भी कफ की शिकायत दूर होती है।
• नींबू (Lemon)
एक चम्मच शहद में दो चम्मच नींबू का रस मिलाकर गर्म कर लें। दिन भर में कई बार इस घोल को दवा की तरह लेते रहें।
• लहसुन (Garlic)
लौंग के तेल और शहद में लहसुन की दो से तीन कली को पीस कर मिला लें। दिन भर में कई बार थोड़ी थोड़ी मात्रा में इसका सेवन करते रहें।
• प्याज (Onion)
एक चम्मच शहद में आधा चम्मच प्याज का रस लें और इसको मिलाकर दिन भर में कम से कम दो बार अवश्य सेवन करें। कफ और गले की खराश से राहत मिलेगी।
• गर्म तरल पदार्थ पीएं (Drink warm liquids)
गर्म पानी पीएं ये गले की सूजन (throat sweeling) के लिए फायदेमंद है। आप चाहें तो कोई अन्य गरम पदार्थ भी पी सकते हैं।
• शहद (Honey)
शहद गले को आराम पहुंचाने के लिए एक पारंपरिक उपाय है। एक गिलास गर्म पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर दिन में तीन बार पीने से खाँसी से राहत मिलती है।
• सेब का सिरका (Apple cider vinegar)
सेब का सिरका हर तरह की खाँसी के लिए अच्छा है। 2 बड़ा चम्मच सिरका 10 तोला पानी में मिलाकर गरम करें। इसमें एक चम्मच शहद डालकर पीएं। खांसी में राहत पाने का कारगर उपाय है।
• तुलसी के पत्ते और शहद (Honey and basil leaves)
धुले हुए तुलसी के कुछ पत्तों को कूट कर उसका रस निकालें और उसमे शहद मिलाएं। अब इसे चम्मच में गरम करके दिन में 3-4 बार लें, इस घरेलू उपाय से खांसी में जल्दी आराम मिलता है।
बचाव :
• आराम करें, खूब पेय पदार्थ लें और स्वास्थ्यवर्धक खाना खाएं।
• यदि बुखार या शरीर में दर्द हो तो पैरासिटामॉल ली जा सकती है।
• नाक पर बाम या बाजार में मौजूद स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे बंद नाक खुलेगी और राहत मिलेगी।
• गरम पानी में नमक डाल कर गरारे करते रहें।
• खाने-पीने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह धोएं।
• संक्रमिक व्यक्ति के संपर्क में न आएं, जैसे कि हाथ मिलाने की जगह नमस्ते की जा सकती है।
• यदि आप खुद संक्रमित हैं तो भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और अपनी चीजें जैसे रूमाल आदि दूसरों से दूर रखें।
• ठंडी और बाहर की चीजें खाने से परहेज करें।
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