रेटिना क्या है (What is retina)रेटिना आँखों के अंदरूनी भाग में स्थित एक नाजुक प्रकाश सम्बन्धी परत है, जो किसी वस्तु से परावर्तित होकर आने वाले प्रकाश की मदद से वस्तु की छवि निर्माण के लिए जिम्मेदार होती है। रेटिना को होने वाला नुकसान रेटिनोपैथी का कारण बनता है। मधुमेह रेटिना को कैसे प्रभावित करता है (Diabeties effect on retina)मधुमेह के मामले में, रक्त में शर्करा की बढ़ी हुई मात्रा रक्त नलिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकती है, फलस्वरूप नलिकाओं से रक्त स्राव हो सकता है, जिससे रेटिना में सूजन पैदा हो जाती है। रक्त नलिकाओं में खराबी के कारण रेटिना…
Author: News India Web
डायरिया में शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिसे डिहाइड्रेशन कहते हैं जो काफी गंभीर होता है। इससे शरीर कमजोर हो जाता है, शरीर में संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। समय पर इलाज नहीं होने पर मरीज की जान भी जा सकती है। आम तौर पर डायरिया 3 से 7 दिनों तक परेशान करता है। डायरिया वैसे तो कभी भी हो सकता है, लेकिन बरसात में वायरल डायरिया ज्यादा परेशान करता है। इसकी वजह गंदा पानी और खाना-पीना है। डायरिया अचानक हो जाता है और कोर्स पूरा होने के बाद ही खत्म होता है। पेट…
फाइलेरिया रोग, जिसे हाथी पांव या फील पांव भी कहते हैं, (Elephantiasis) में अक्सर हाथ या पैर बहुत ज्यादा सूज जाते हैं। इसके अलावा फाइलेरिया रोग से पीड़ित व्यक्ति के कभी हाथ, कभी अंडकोष, कभी स्तन आदि या कभी अन्य अंग भी सूज सकते हैं। आम बोलचाल की भाषा में हाथीपांव (HathipaonHathipaon) भी कहा जाता है। कारण : •जिन क्षेत्रों में फाइलेरिया आम बात होती है उन क्षेत्रों में ज्यादा समय तक रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लक्षण : • एक या ज़्यादा हाथ व पैरों में (ज़्यादातर पैरों में) सूजन• कॅपकॅपी के साथ बुखार आना• गले…
इसमें रोगी हांफता है, मुंह से झाग उगलता है। उसकी आंखें फटी-फटी सी और पलकें स्थिर हो जाती हैं तथा गर्दन अकड़कर टेढ़ी हो जाती है। रोगी हाथ-पैर पटकता है, उसके दांत भिंच जाते हैं और मुट्ठियां कस जाती हैं। वह अजीब सी आवाज करने लगता है। दौरे के समय रोगी को सांस लेने में भी कष्ट होता है। मिरगी का दौरा जन्म लेने के बाद किसी भी उम्र में पड़ सकता है। स्कूल जाने वाली उम्र के हर 200 में से एक बच्चे को मिरगी का दौरा पड़ता है। इनमें से 10 प्रतिशत को गंभीर दौरे पड़ते हैं। साठ…
बाहरी कान का संक्रमण आमतौर पर बाहरी कान तक ही सीमित होता है और यह बैक्टीरियल या फंगल के कारण होता है। बाहरी कान में संक्रमण के कुछ आम कारण हैं: वैक्स संचय (Wax Accumulation):कान में कुछ वैक्स प्राकृतिक रूप से होती है लेकिन समय के साथ यदि यही वैक्स बढ़ती जाए तो बैक्टीरिया और कवक के बढ़ने का स्थान बन जाती है, जहां आसानी से बैक्टीरिया बढ़ने लगते है, इस स्थिति को ग्रेन्युलोमा कहते हैं। ऐसे में कान में दर्द होता है और कान से पानी निकलने लगता है।ओटिटिस एक्सटर्ना (Otitice externa):बाहरी कान का यह संक्रमण ज्यादातर तैराकों में…
कारण : इबोला से बचाव का सबसे बेहतर और एकमात्र उपाय है इससे प्रभावित रोगी के सम्पर्क में आने से बचना। किसी रोगी के संपर्क में आने से यह रोग और तेजी से फैलता है। लक्षण : • आरंभिक लक्षण में ज्वर, फुन्सी, सर दर्द, मिचली, उल्टी और पेट में दर्द, पूरे शरीर में गठिया का दर्द, गले में दर्द, दस्त सकता है• इस रोग का इंक्यूबेशन पिरीयड (Incubation Period) एक हफ्ते का होता है। उसके बाद रोगी में आरंभिक लक्षण नजर आते हैं• जननांग में सूजन होती है• त्वचा में दर्द का अनुभव होता है• नेत्रश्लेष्मलाशोथ (कंजेंगवाइटिस) है• पूरे…
स्तंभनदोष समस्या के कई कारण हो सकते हैं, इस समस्या से पीड़ित लोगों में चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास में कमी आदि लक्षण देखे जा सकते हैं। हालांकि पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन आम है और लाइलाज नहीं है, इसका इलाज कर इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। कारण : कुछ लोगों का मानना है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का ताल्लुक उम्र बढ़ने होता है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं हैं। ईडी हाइपरटेंशन, डायबिटीज व अवसाद आदि के कारण भी होता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन शारीरिक और मानसिक कारणों से भी हो सकता है। यदि इरेक्शन संभोग के अलावा किसी विशेष समय…
आंखें ज्यादा लाल दिखती हैं और उनमें सूजन या जलन है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करें। आंखों के विशेषज्ञ से सलाह लेकर दवाई लें। आंखों के इंफेक्शन (Types of Eye Infection) दो तरह के होते हैं एक “कंजेक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) और दूसरा कॉर्नियल अल्सर (Corneal Ulcer)। कॉर्नियल अल्सर गंभीर इंफेक्शन होता है। कॉर्निया खुले जख्म को विकसित करता है और अगर गलत तरीके से इसका उपचार किया जाए, तो इससे अंधापन भी हो सकता है। कॉर्नियल अल्सर होने पर बहुत ज़्यादा दर्द होता है, पीप या मवाद निकलता है और दृष्टि धुंधली हो जाती है। ऐसा होने पर नेत्र-विशेषज्ञ को दिखाना…
बुखार अपने आप में कोई रोग नहीं है बल्कि यह सम्भवतः किसी रोग का लक्षण है। बुखार (Bukhar) वास्तव में शरीर में किसी संक्रमण के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया है। बुखार का स्तर संक्रमण की गंभीरता के बारे में बताता है। कारण : • श्वसन संस्थान वाले बुखार जैसे की जुकाम, फ्लू, गले की सूजन, श्वासनली शोथ, न्यूमोनिया, टी.बी. आदि।• त्वचा के संक्रमण (Infection) से होने वाले बुखार जैसे की जख्म में पीप होना, फोड़े या दाने वाले बुखार।• मच्छर या पिस्सू से होने वाले बुखार जैसे की मलेरिया (Malaria Fever), फायलेरिया (Flaria), डेंगू (Dengue), चिकुनगुन्या (Chickengunia), मस्तिष्क ज्वर (Meningitis),…
ज्यादातर, कंधे की समस्याओं का प्राथमिक कारण रोटेटर कफ में पाये जाने वाले आसपास के कोमल ऊतक का उम्र के कारण प्राकृतिक रूप से बिगड़ना है। कंधों में होने वाली इस जकड़न को फ्रोजन शोल्डर (Frozen Shoulder) नाम से जाना जाता है। इस दर्द का कारण आसानी से पता नहीं चलता। फ्रोजन शोल्डर में कंधे की हड्डियों को मूव करना मुश्किल होने लगता है। कारण : • डायबिटीज के मरीजों में, हृदय समस्या से ग्रसित लोगों में पार्किसन बीमारी के मरीजों में हो सकती है।• गर्दन में होने वाली सर्वाइकल डिस्क की समस्या भी ऐसे दर्द का कारण हो सकती…