द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : परमेश्वर को जानना चेले आदमी 1 कुरिन्थियों 11 में, हमसे यह कहा गया है कि जब हम रोटी तोड़ें, तो प्रभु की मृत्यु को याद करें। यीशु आया और उसने अपने जीवन के द्वारा और अपनी शिक्षा के द्वारा हमें यह दिखाया कि “मृत्यु परमेश्वर के जीवन का प्रवेश-द्वार है” (देखें 2 कुरि. 4:10 )। इसलिए हमारे लिए यह अच्छा है कि हम मसीह की मृत्यु के हरेक पहलू पर चिंतन-मनन करें, और एक ज़्यादा स्पष्ट तरीके से यह समझें कि उस मरने में सहभागी होने (टूटी हुई रोटी खाने में) और मसीह के साथ क्रूस…
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द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी चेले साधक जब हम स्वर्ग में जाएंगे, तो हम उन स्वर्गदूतों को देखेंगे जिन्होंने हमारी उस समय रक्षा की थी जब हम पृथ्वी पर यात्राएं करते थे। जब उस अंतिम दिन हम अपने पूरे जीवन को एक चलचित्र की तरह प्रदर्शित होते हुए देखेंगे, तब हमें यह पता चलेगा कि ऐसे हज़ारों स्वर्गदूत हैं जिन्हें हमारी रक्षा करने के लिए हमें धन्यवाद देना होगा। अभी तो हमें सिर्फ सड़कों पर “बाल-बाल बच जाने” की थोड़ी सी घटनाओं की ही जानकारी है। लेकिन उस दिन हम जानेंगे कि इस तरह “बच निकलने” की और भी बहुत…
द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी Struggling चेले हमारी आत्मिक शिक्षा के एक भाग के रूप में, प्रभु हमें कठिन अनुभवों में से लेकर चलता है। जैसे, वह दूसरे लोगों को हमारे विश्वास का मज़ाक़ उड़ाने की अनुमति दे सकता है। हमारा ठट्ठा उड़ाने वाले ज़्यादातर लोगों में “हीन भावना” होती है, और वे हमसे ईर्ष्या करते हैं। इसलिए हमें उन पर दया करनी चाहिए। लेकिन उनका ठट्ठा हममें यह भलाई पैदा करता है कि वह हमें मनुष्यों के मत से और ज़्यादा मुक्त कर देता है। अब जब मैं अपने जीवन में पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो मुझे यह नज़र…
द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी घर कलीसिया परमेश्वर को जानना चेले हमें हर समय प्रभु में यह भरोसा करना चाहिए कि वही है जो इन बातों में हमारी मदद करेगा: 1. हमारे शरीर की हरेक लालसा पर जय पाने के लिए2. हमारी हरेक परीक्षा में हमारे लिए परमेश्वर के उद्देश्य को पूरा करने के लिए3. हरेक स्थिति जय पाने के लिए, और4. हरेक बुराई के सामने मसीह के गुणों को प्रकट करने के लिएतब हम कभी निरुत्साहित नहीं होंगे। हमें एक अविश्वासी पीढ़ी और (पाप से) समझौता करने वाले मसीही जगत के सामने एक ऐसा जीवित साक्षी होना है कि स्वर्ग में…
द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : जवानी घर कलीसिया परमेश्वर को जानना मूलभूत सत्य चेले रोमन कैथलिक चर्च में, उनकी एक धार्मिक विधि है कि लोग एक सम्मुख करें पुरोहित के सम्मुख अपने पापों का अंगीकार करते हैं। कुछ प्रोटेस्टेंट कलीसियाएं भी उनके विश्वासियों को प्रोत्साहित करती हैं कि वे एक-दूसरे के सम्मुख उनके पापों का अंगीकार किया करें, और यह सिखाती हैं कि वे अपना एक “उत्तरदायी-साथी” बनाएं जिसके सम्मुख वे अपने पापों का नियमित अंगीकार किया करें, जिससे कि वे अपने पापों पर जय पाने वाले बन सकें। नई वाचा में ऐसी शिक्षा कहीं नहीं मिलती। यह मानवीय मनोविज्ञान की शिक्षा है, पवित्र…
द्वारा लिखित : जैक पूनन मसीहियों के बीच इस बात को लेकर बहुत गलतफहमी है कि दूसरों का न्याय करना सही है या नहीं – “न्याय” शब्द की गलतफहमी के कारण। विश्वासियों के रूप में, हमें दूसरों का मूल्यांकन इस अर्थ में करना चाहिए कि हमें लोगों को परखना चाहिए। परमेश्वर का वचन कहता है कि, जब हम किसी को उपदेश देते हुए सुनते हैं, तो हमें “उसके संदेश पर न्याय करना चाहिए” (1 कुरिं.14:29)। इसलिए पवित्र आत्मा वास्तव में हमें हर किसी के उपदेश का न्याय करने की आज्ञा देता है। यही एकमात्र तरीका है जिससे हम आज मसीही…
द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : कलीसिया परमेश्वर को जानना चेले हम बड़े धोखे के दिनों में जी रहे हैं और ऐसे समय में जब यीशु ने हमें चेतावनी दी थी कि लोग प्रेम में ठंडे हो जायेंगे और एक दूसरे को धोखा देंगे (एक भाई दूसरें भाई के)। इसलिए हमें न केवल सभी को प्रेम के साथ सहना चाहिए, बल्कि उन लोगों से दूर रहने में भी बुद्धिमानी बरतनी चाहिए जो हमेशा झगड़े और विवाद करने को आतुर रहते हैं। मसीही होने के नाते हम कभी किसी की बुराई नहीं करेंगे और हम कभी भी इंसानों से नहीं लड़ेंगे। लेकिन हम…
द्वारा लिखित : डॉ एनी पुननश्रेणियाँ : घर कलीसिया चेले “मेरे साथ धैर्य रख’, उसका संगी दास गिर कर भीख मांगने लगा ” (मत्ती 18:29)। यही वह अनकही पुकार है जो गृहिणियों और माताओं के तौर पर हमारे पास उनके अन्दर से आती रहती है जिनके साथ हम रोज़ व्यवहार करते हैं। लेकिन इस आवाज़ को सुनने के लिए हमें अपनी आत्माओं में बहुत संवेदनशील होना चाहिए, क्योंकि यह पुकार अनकही होती है। ऐसा हो सकता है कि हमारे बच्चे वह सीखने में धीमे हों जो हम उन्हें बार-बार सिखाने की कोशिश करते रहे हैं, और हम उनके साथ अधीर हो जाने…
द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : घर कलीसिया चेले सच्ची मसीही संगति प्रकाश पर आधारित होनी चाहिए। हम एक दूसरे के साथ सच्ची और गहरी संगति में तभी चल सकते हैं जब हम प्रकाश में चलने के इच्छुक हों। इसमें एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा शामिल है – सभी दिखावे और पाखंड से बचना। इसी तरह परमेश्वर चाहता है कि मसीही एक-दूसरे के साथ चलें। याद रखें, प्रारंभिक कलीसिया में परमेश्वर द्वारा सार्वजनिक रूप से न्याय किया गया पहला पाप पाखंड था (प्रेरितों 5:1-14 में दर्ज अनन्या और सफीरा की कहानी देखें)। पाप ने हम सभी को अपने आपसी संबंधों में…
द्वारा लिखित : जैक पूननश्रेणियाँ : घर कलीसिया परमेश्वर को जानना मूलभूत सत्य चेले शैतान ने परमेश्वर से पतरस को गेहूँ की तरह छानने की अनुमति मांगी। और परमेश्वर ने उसे ऐसा करने की अनुमति दी – क्योंकि पतरस के पास अन्य सभी लोगों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण सेवकाई थी जिनकी इस प्रकार छंटाई नहीं की गई थी। यीशु ने केवल यह प्रार्थना की कि पतरस का विश्वास असफल न हो। पतरस ने तीन बार प्रभु का इन्कार किया। लेकिन, परिणामस्वरूप, वह पूरी तरह से टूट गया और दीन हो गया और फूट-फूट कर रोने लगा और पश्चाताप करने लगा। इस प्रकार परमेश्वर…