कपूर के चमत्कारिक टोटके कर्पूर या कपूर मोम की तरह उड़नशील दिव्य वानस्पतिक द्रव्य है।इसे अक्सर आरती के बाद या आरती करते वक्त जलाया जाता है जिससे वातावरण में सुगंध फैल जाती है और मन एवं मस्तिष्क को शांति मिलती है। कपूर को संस्कृत में कर्पूर, फारसी में काफूर और अंग्रेजी में कैंफर कहते हैं। यदि इंसान विश्वास से इन उपायों को करता है तो उसे इनका फायदा जरूर होता है। दुनिया…
Browsing: Totka
राई के चमत्कारिक टोटके अर्थ बिना सब व्यर्थ है। जीवन के 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान अर्थ में छुपा है।इसीलिए नित्य एक नेक काम करना चाहिए जिससे की धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का जीवन चलता रहे। यदि इंसान विश्वास से इन उपायों को करता है तो उसे इनका फायदा जरूर होता है। दुनिया समस्याओं…
नौकरी पाने के 10 अचूक उपाय (टोटके) [IMP] (1) हर शनिवार को आप शनिदेव के मंदिर में जाकर उनको काले तिल और सरसों का तेल अर्पण करते हुए 43 बार ‘ॐ शनि शनिचराय नमः’ का जाप करे I ऐसा करने से आपको निश्चित ही नौकरी मिल जायेगी I (2) हमारे देश में सात प्रकार के अनाज कहे गए है I उन् सातों प्रकार के अनाज को एक सात मिलाकर उसको एक पोटली में रखकर अपने माथे के ऊपर से सात बार घुमा दीजिये और रोज़ सुबह पंछियो को भी दाना डालना चालू कर दीजिये I ऐसा करने से आपको निश्चित ही नौकरी मिल जायेगी I (3) अपने पूजा स्थल पर हवा में उड़ते हुए हनुमान जी की तस्वीर लगाये यानी वायुपुत्र हनुमान जी की हवा में उड़ती हुई चित्र या मूर्ति लगाए और उनकी आराधना कीजिये I जब भी आप नौकरी ढूंढने या नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाए तो हनुमान चालीसा का पाठ करके जाए I ऐसा करने से आपके नौकरी के सारे द्वार खुल जाएंगे I (4) आप पीपल के पेड़ में जल चढ़ाइये क्योकि ऐसा करने से आपके पितृ देव तृप्त होते है और आप पर प्रसन्य होकर आपको आशीर्वाद देते है और सभी देवता भी आपको आशीर्वाद देते है I ऐसा करने से अगर आपका भाग्य साथ नहीं दे रहा या उसमे कोई दोष है तो वो ठीक होने लगता है और आपका भाग्य भी साथ देने लगता है I ऐसा करने से आपके नौकरी के सारे द्वार खुल जाएंगे I (5) आप कोई भी ऐसा कुआँ ढूंढ लीजिये जिसमे जल हो I जल थोड़ा हो तो भी चलेगा किन्तु वह कुआँ सूखा नहीं होना चाहिए I उस कुआँ में आप दूध डालकर आ जाए I ऐसा आपको चार-पांच बार करना है I परन्तु इसमें एक बात का ख्याल रखे की जब आप दूध डालने जा रहे हो या दूध डालकर आ रहे हो तो ये बात किसी को नहीं बतानी है, इसको पूर्णतः गुप्त रखना है I (6) शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाइये फिर भगवान् को कुछ मीठा अर्पण करके उनके ऊपर अछत यानी अखंड चावल चढ़ाइये I ऐसा करने से अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति होती है I शास्त्रों में कहा गया है की अगर हम भगवान् शिव पर जल धारा चढाने के बाद अगर हम चावल अर्पित करते है यानी अखंड चावल तो हमें अविचल लक्ष्मी की प्राप्ति होती है I (7) हर महीने के प्रथम सोमवार को आप काली माता के मंदिर जाए I एक सफ़ेद पोटली या सफ़ेद कपडे के अंदर थोड़े से चावल लेकर जाए और उसको काली माता को अर्पित कर दीजिये I ऐसा करने से भी आपकी बाधा समाप्त हो जायेगी और आपको नौकरी मिल जायेगी I (8) किसी भी चतुर्थी को आप गणेश जी की एक ऐसी मूर्ति/प्रतिमा या फोटो लाये जिसमे उनकी सूढ़ दायी (दाहिने) तरफ झुकी हुई हो I उनके सामने लौंग और सुपारी रखिये और उसको धुप-बत्ती रोज़ दिखाए I जब भी आप नौकरी ढूंढने या इंटरव्यू के लिए जाए तो वो लौंग और सुपारी अपने साथ ले जाए I ऐसा करने से आपका कार्य अचूक सिद्ध होगा और आपको निश्चित ही नौकरी मिल जायेगी I (9) नौकरी ढूंढने के लिए या उशसे जुड़ा कोई भी कार्य करने जाते हो और रास्ते में आपको गाय दिखाई दे तो उसको आप आटा और गुड़ खिला दीजिये I आपकी मनोकामना आवस्य पूर्ण होगी और आपको निश्चित ही नौकरी मिल जायेगी I (10) अगर आप नौकरी ढूंढने के लिए या उशसे जुड़ा कोई भी कार्य करने जाते हो तो आप हल्दी वाले पानी से स्नान करके जाए I ऐसा करने से आपको बहुत राहत महसूस होगी I ये सब उपाये में से किसी भी उपाय को करने से आपका नौकरी का योग बनने लगता है और आपका किस्मत साथ देने लगता है और आपके भाग्य की बाधा समाप्त हो जाती है I ज्योतिष में राहु काल को अशुभ माना जाता है। अत: इस काल में शुभ कार्य नहीं कि जाते है। यहां आपके लिए प्रस्तुत है सप्ताह के दिनों पर आधारित राहुकाल का समय, जिसके देखकर आप अपना दैनिक कार्य कर सकते हैं। मान्यता: राहुकाल के विषय में मान्यता हैं कि इस समय प्रारम्भ किए गए कार्यो में सफलता के लिए अत्यधिक प्रयास करने पड़ते हैं, कार्यों में अकारण की दिक्कत आती हैं, या कार्य अधूरे ही रह जाते हैं। कुछ लोगों का मानना हैं कि राहुकाल के समय में किए गए कार्य विपरीत व अनिष्ट फल प्रदान करते हैं। उपाय : यदि राहुकाल के समय यात्रा करना जरूरी हो तो पान, दही या कुछ मीठा खाकर निकलें। घर से निकलने के पूर्व पहले 10 कदम उल्टे चलें और फिर यात्रा पर निकल जाएं। दूसरा यदि कोई मंगलकार्य या शुभकार्य करना हो तो हनुमान चालीसा पढ़ने के बाद पंचामृत पीएं और फिर कोई कार्य करें। वार …
गौमाता (गाय) से जुड़े 10 अचूक उपाय (टोटके ) जो आपके जीवन में सफलता प्रदान करेंगे (1) जन्म कुंडली (शुक्र) के दोषों का नाश यदि आप अपनी जन्म कुंडली में ग्रहों के बीच प्रभाव से परेशान हैं तो इसके लिए भी ज्योतिषीय उपाय मौजूद हैं। किसी की जन्म कुंडली में यदि शुक्र अपनी नीच राषि कन्या पर हो या शुक्र की दशा चल रही हो तो प्रातःकाल के भोजन में से एक रोटी सफेद रंग की देशी गाय को 43 दिन तक लगातार खिलाने से शुक्र का नीचत्व एवं शुक्र संबंधित कुदोष स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। इसके अलावा गौ को रोटी देने से जन्मपत्री में यदि पितृदोष हो तो वह भी हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। (Published on Speaking Tree) (2) ऐसी मान्यता है की जो गौमाता के खुर से उड़ी हुई धूलि को सिर पर धारण करता है (जिसे गौधूलि कहते है), वह मानों तीर्थ के जल में स्नान कर लेता है और सभी पापों से छुटकारा पा जाता है । गोधूलि योग ज्योतिष शास्त्र में गोधूलि नामक एक योग होता है, यह योग गाय से संबंधित है। इस योग के संदर्भ में ऐसा माना जाता है कि यदि किसी के विवाह के लिए उत्तम मुहूर्त नहीं मिल रहा है या फिर भविष्य में किसी के वैवाहिक जीवन में परेशानियां आने के संकेत हैं और उन्हें दूर करना चाहते हैं तो गोधूलि योग में वर-वधु का विवाह करें। (Published on Speaking Tree) (3) प्राचीन ग्रंथों में सुरभि (इंद्र के पास), कामधेनु (समुद्र मंथन के 14 रत्नों में एक), पदमा, कपिला आदि गायों महत्व बताया है। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभ देवजी ने असि, मसि व कृषि गौ वंश को साथ लेकर मनुष्य को सिखाए। हमारा पूरा जीवन गाय पर आधारित है। शिव मंदिर में काली गाय के दर्शन मात्र से काल सर्प योग निवारण हो जाता है I (4) गाय के पीछे के पैरों के खुरों के दर्शन करने मात्र से कभी अकाल मृत्यु नहीं होती है। गाय की प्रदक्षिणा करने से चारों धाम के दर्शन लाभ प्राप्त होता है, क्योंकि गाय के पैरों में चार धाम है। (5) गौ माता की रीढ़ की हड्डी में सूर्य नाड़ी एवं केतुनाड़ी साथ हुआ करती है, गौमाता जब धुप में निकलती है तो सूर्य का प्रकाश गौमाता की रीढ़ हड्डी पर पड़ने से घर्षण द्धारा केरोटिन नाम का पदार्थ बनता है जिसे स्वर्णक्षार कहते हैं। यह पदार्थ नीचे आकर दूध में मिलकर उसे हल्का पीला बनाता है। इसी कारण गाय का दूध हल्का पीला नजर आता है। इसे पीने से बुद्धि का तीव्र विकास होता है। जब हम किसी अत्यंत अनिवार्य कार्य से बाहर जा रहे हों और सामने गाय माता के इस प्रकार दर्शन हो की वह अपने बछड़े या बछिया को दूध पिला रही हो तो हमें समझ जाना चाहिए की जिस काम के लिए हम निकले हैं वह कार्य अब निश्चित ही पूर्ण होगा। धार्मिक ग्रंथों में लिखा है “गावो विश्वस्य मातर:” अर्थात गाय विश्व की माता है। …