दिमाग की कोशिकाओं को न्यूरॉन्स (Neurons) कहते हैं जो दिमाग को संचालित करती हैं। डिमेंशिया एक ऐसा मानसिक रोग है जिसमें धीरे धीरे दिमाग के न्यूरॉन्स नष्ट हो जाते हैं। डिमेंशिया के शिकार लोगों के दिमाग में प्रोटीन का जमाव होने लगता है। यह दिमाग के स्मरणशक्ति में फैल जाता है जिससे दिमाग के कुछ हिस्सों के न्यूरॉन मरने लगते हैं। इससे याददाश्त के लिए जरूरी महत्त्वपूर्ण न्यूरो ट्रांसमीटर (Neuro Transmitter) मसलन एसेटिलकोलाइन (Asetilkolin) का स्तर कम हो जाता है।

डिमेंशिया के कारण होने वाली समस्या (Problem Due to Dementia)
इन बीमारियों (Dimagi Bimari) में रोगी की याददाश्त और सोचने की शक्ति धीरे धीरे कम होती जाती है। किसी के लिए भी डिमेंशिया बेहद परेशानी वाली बीमारी है। धीरे-धीरे यह व्यक्ति के रोजमर्रा के क्रियाकलापों को भी कठिन बना देती है। डिमेंशिया के रोगी धीरे धीरे पूरी तरह से दूसरों पर निर्भर होते जाते हैं|

डिमेंशिया से बचाव (Protection from Dementia)
कुछ क्रियाकलापों और जीवनशैली में तब्दीली लाकर न सिर्फ इस बीमारी के होने वाले खतरे को कम किया जा सकता है, बल्कि हो जाने के बाद इसके बढ़ने की गति को धीमा भी किया जा सकता हैं।
डिमेंशिया का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। डिमेंशिया की समस्याएं अचानक, रातों-रात नहीं होतीं. ये धीरे धीरे बढ़ती हैं. शुरू में ये छोटी, मामूली बातों में दिखाई देती हैं जिस कारण परिवार वाले इनको नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यदि परिवार वाले सतर्क रहें तो पहचान पायेंगे कि क्या भूलना सामान्य किस्म का है या गंभीर समस्या का सूचक हो सकता है। वे फिर डॉक्टर से सलाह से रोगी का उचित इलाज करवायें। सिर में कई बार चोट लग जाने से इस बीमारी के होने की आशंका बढ़ जाती है।

कारण :

• आनुवांशिक: अगर परिवार में कोई भी इस बीमारी से पीड़ित हो, तो खतरे की संभावना ब़ढ जाती है
• बढ़ती उम्र में इस बीमारी के खतरे बढ़ जाते हैं।
• उच्च रक्तचाप से पीड़ित रोगियों को डिमेंशिया के प्रति सचेत रहना चाहिए।
• मधुमेह और मोटापे को भी इसका मुख्य कारण माना जाता है।
• ज़्यादा जंक फूड खाने से और आधुनिक जीवनशैली से शरीर से जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते जिस कारण डिमेंशिया (Dementia) होने की संभावना बढ़ जाती है।

लक्षण :

• अपने आप में गुमसुम रहना, मेल-जोल बंद कर देना, चुप्पी साधना
• कपडे उलटे पहनना, साफ़-सुथरा न रह पाना
• किसी बात को या प्रश्न को दोहराना, जिद्द करना, तर्क न समझ पाना
• किसी वस्तु का चित्र देखकर यह न समझ पाना कि यह क्या है
• कुछ काम शुरू करना, फिर भूल जाना कि क्या करना चाहते थे, और बहुत कोशिश के बाद भी याद न कर पाना
• चीज़ों को गलत, अनुचित जगह पर रख छोडना (जैसे कि घडी को, या ऑफिस फाइल को फ्रिज में रख देना)
• छोटी छोटी समस्याओं को भी न सुलझा पाना
• छोटी-छोटी बात पर, या बिना कारण ही बौखला जाना, चिल्लाना, रोना, इत्यादि
• डिमेंशिया से प्रभावित व्यक्ति में, रोग के बढ़ने के साथ ज्यादा और अधिक गंभीर लक्षण नज़र आते हैं। (याद रखें कि हर व्यक्ति में अलग अलग लक्षण नज़र आते हैं)
• नंबर जोड़ने और घटाने में दिक्कत, गिनती करने में दिक्कत
• बोलते या लिखते हुए गलत शब्द का प्रयोग करना, या शब्दों के अर्थ न समझ पाना
• बड़ी रकम को फालतू की स्कीम में डाल देना, पैसे से सम्बंधित अजीब निर्णय लेना, लापरवाही या गैरजिम्मेदारी दिखाना
• यह भूल जाना कि तारीख क्या है, कौनसा महीना है, साल कौनसा है, व्यक्ति किस घर में हैं, किस शहर में हैं, किस देश में

आयुर्वेदिक उपचार :

• चीनी को अवॉइड करें (Avoid sugar)
सबसे पहले अपने खाने से मीठा (sweet), कार्बोहाइड्रेट (carbohydrate) तथा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (refined carbohydrate) सभी को अलग कर दें। जब तक कि आपका वजन नियंत्रित नहीं हो जाता है, कार्बोहाइड्ट वाली चीजों को खाने से बचें। बहुत अधिक चीनी खो से भी दिमागी ऊतक (brain membrane) कमजोर होते हैं जिसका असर याद्दाश्त (memmory) पर पड़ता है।

• हल्दी (Haldi)
हल्दी में मौजूद तत्व करक्यूमिन (curcumin) डिमेंशिया से सुरक्षा प्रदान करता है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) तत्व भी होते हैं जो दिमागी विकास के लिए जरूरी हैं। ऐसे में भोजन में हल्दी का इस्तेमाल जरूर करें।

• नारियल तेल (Coconut oil)
नारियल तेल में खाना बनाने से भी डिमेंशिया का उपचार संभव है। नारियल तेल में वसा की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती और यह दिमाग को भी तेज करता है।

• सलमन मछली और अंडा (Salmon fish and egg)
ठंडे पानी (cold water) में रहने वाली मछली सलमन और अंडे की जर्दी (egg yolk) दोनों ही दिमाग को तेज बनाती हैं। ऐसे में भोजन में दोनों को शामिल किया जाना बेहद जरूरी है। एक दिन में दो अंडे जरूर खाएं।

• अदरक (Ginger)
अदरक भी डिमेंशिया से बचाव के लिए बेहद फायदेमंद है। अदरक की चाय (ginger tea), खाने में अदरक का प्रयोग या सूखा अदरक (dry ginger), किसी भी रूप में अदरक खाना डिमेंशिया में बेहद लाभदायक है।

• ग्रीन टी (Green tea)
ग्रीन टी भी अच्छे स्वास्थ्य व अच्छे दिमागी विकास के लिए बेहद जरूरी है। ग्रीन टी पीने से शरीर में ऑक्सीजन (Oxygen) का संचार होता है और जमी हुई वसा (Saturated fat) दूर होती है। इससे याद्दाश्त बढ़ती है और भूलने की समस्या दूर होती है।

• बादाम (Almond)
बादाम भी तेज दिमाग के लिए फायदेमंद होता है। बादाम के तेल में वसा होती है जिसे खाने से चर्बी नहीं बढ़ती और दिमाग को अन्य पोषक तत्व (nutrient) भी मिलते हैं, जिससे न केवल शरीर बल्कि दिमाग भी स्वस्थ होता है।

बचाव :

• डिमेंशिया का व्यक्ति और परिवार पर क्या असर पड़ेगा, यह समझें और स्वीकारें।
• देखभाल कई वर्षों तक चल सकती है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि रोगी की देखभाल के अलावा और क्या क्या जिम्मेदारियां निभानी हैं और देखभाल के लिए समय और पैसे का इंतजाम किस प्रकार करेंगे।
• इसलिए अपनी जिंदगी में उसी प्रकार से बदलाव लाएं ताकि रोगी की देखभाल के साथ साथ आप अपनी अन्य जिम्मेदारियां भी निभा सकें। इसके लिए जो भी सीखना है, वह सीखें, और खुशी खुशी अपने कर्तव्य का निर्वाह करें।

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