ब्रेस्ट चर्बी (Fat), सहायक ऊतकों (Supporting Muscles) और लसीकाओ वाले ऊतकों (Lymphatic Tissues) के बने होते हैं, जिनमें लोब (Lobe) होते हैं। स्तन कैंसर तब होता जब स्तन वाहिकाओं और लोब की कोशिकाओं में कैंसर हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार हमारा शरीर कोशिकाओं से बना होता है जो समय-समय पर टूटते और बनते हैं। यह क्रम बेहद नियंत्रित तौर पर होता है। 

लेकिन जब कोशिकाओं के टूटने और बनने की प्रकिया अनियंत्रित हो जाती है और नई कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा बन जाती हैं, तब उस जगह एक गांठ बन जाती है। जब यह कोशिकाएं या सेल्स इकठ्ठा हो कर बड़ा रूप धारण कर लेती हैं तब यह ट्यूमर में बदल जाती हैं।

ट्यूमर दो तरह के हो सकते हैं – बिनाइन और मैलिग्नेंट। इनमें से बिनाइन ट्यूमर (गांठ) तो गैर-कैंसरस होती है लेकिन मैलिग्नेंट ट्यूमर को कैंसरस माना जाता है। इस चीज का पता जांच से किया जाता है।

कारण :

कई लोग मानते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर अनुवांशिक होता है जो पूरी तरह सही तथ्य नहीं है। स्तन या ब्रेस्ट कैंसर के कुछ अहम कारण निम्न हैं:

• आयु-स्तन कैंसर होने का जोखिम आयु के साथ बढ़ता है।
• यदि आपको पहले कैंसर या स्तन का कोई अन्य रोग हुआ हो।
• पारिवारिक इतिहास – केवल 5–10% स्तन कैंसर ही अनुवांशिक रूप से प्राप्त जीन के कारण होते हैं।

स्तन कैंसर का खतरा किन महिलाओं को ज्यादा होता है?

• अधिक उम्र की महिलाएं।
• जिन महिलाओं की मां, बहन या बेटी को स्तन कैंसर हुआ हो
• जन्म के समय से ही क्रोमोज़ोम (गुणसूत्रो) में बदलाव हो।
• महिला जिसे बच्चे ना हुए हों, या 30 साल की उम्र के बाद बच्चे हुए हों।
• जिसे 12 साल की उम्र से पहले ही पीरियड्स शुरु हो गए हों।
• जिस महिला को 50 साल की उम्र के बाद मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) हुई हो।
• जिस महिला की स्तन के ऊतक काफी घने हों। आपकी मेमोग्राफी करके डॉक्टर ये जानकारी दे सकते है।
• जो महिला गर्भ निरोधक गोलियों का लंबे अर्से से इस्तेमाल कर रही हो।
• जो महिला दिन में 2 से 5 बार शराब का सेवन करती हो।
• जिस महिला को मेनोपॉज के बाद ज्यादा मोटापा आ गया हो।
• जिस महिला ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी इस्तेमाल की हो।
• जो महिलाएं अपने बच्चों को स्तनपान नहीं करवातीं।

लक्षण :

स्तनों के बारे में जान लेने का सरल तरीका है TLC यानि T-TOUCH Your Breasts (अपने स्तनों को छुएं) क्या आपको कुछ असामान्य लगता है? क्या आप स्तन में, छाती के ऊपरी हिस्से में, या बगलो में कोई गाँठ (Lump) महसूस करती हैं? क्या आपको स्तनों के ऊपर कोई परत महसूस होती है जो हटती नहीं? क्या स्तनों में साधारण सा दर्द है। L – LOOK for changes (कुछ बदलाव तो नही लगता) क्या स्तनों के आकर या बनावट ( shape or texture) में कोई बदलाव है? क्या स्तनों के आकर या आकृति (size or shape) में कोई बदलाव है (कोई एक स्तन दूसरे के मुकाबले छोटा या बड़ा हैं)? स्तनों की त्वचा की बनावट में कोई बदलाव जैसे फ़टी फ़टी सी या कोई गड्डा सा पड़ जाना? रंग में बदलाव जैसे की निप्पल्स के आसपास सुर्ख लाल रंग.हो जाना? क्या निप्पल की दिशा सही है, कहीं वह अंदर की तरफ तो नही मुड़ गया है? किसी भी निप्पल से तरल पदार्ध का रिसना? निप्पल के आस पास किसी प्रदार्थ का रिसना या पपड़ी का जमना? C – CHECK any unusual findings with your doctor (कुछ असामान्य सा महसूस हो तो तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लें) क्या आपको कुछ असामान्य या अलग सा महसूस हो रहा है? अगर ऐसा है तो तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लें। समय समय पर अपने स्तनों की जांच स्वयं करते रहें ऐसा करने से आप उनमे सामान्य तौर पर आने वाले बदलावों और असामान्य बदलाव के बारे में जान जायेंगे, अक्सर मासिक धर्म (Menses) के समय स्तनों में कुछ बदलाव अवश्य आता है। लक्षणों के उभरने का इंतज़ार न करें, नियमित रूप से स्तनों की जांच करवाएं। यह सर्वविदित है कि रोकथाम इलाज़ से बेहतर है

आयुर्वेदिक उपचार :

• ग्रीन टी (Green tea)
एक गिलास पानी में हर्बल ग्रीन टी को आधा होने तक उबालें और फिर उसे पीएं। यह फायदेमंद होती है और इससे स्तन कैंसर का खतरा काफी कम हो जाता है।

• अंगूर और अनार का जूस (Grapes and pomegranate juice)
रोजाना अंगूर या अनार का जूस पीने से स्तन कैंसर से बचा जा सकता है। इन दोनों फलों के जूस में कैंसर के सेल्स को मारने की क्षमता होती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

• लहसुन (Garlic)
लहसुन में फ्लेवोन्स (flavons) और फ्लेवोनोल्स (flavonols) जैसे एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं। रोज लहसुन का सेवन करने से स्तन कैंसर की संभावना को रोका जा सकता है।

• हल्दी (Turmeric)
हल्दी में करक्यूमिन (curcumin) नाम का तत्व होता है जो कि विभिन्न तरह के कैंसर को ठीक करने में सक्षम है। हल्दी के सेवन से कैंसर सेल बढ़ने की संभावना कम होती है तथा कैंसर ठीक होता है।

• टमाटर (Tomato)
टमाटर खाने से भी महिलाएं स्तन कैंसर से बची रह सकती हैं। टमाटर में लायकोपीन (lycopene) होता है जो कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और कैंसर को बढ़ने से रोकता है।

• पालक (Spinach)
पालक में एंटीऑक्सीडेंट ल्यूटिन (lutin) होता है जो कैंसर से बचाने में सहायक है। हफ्ते में दो से तीन बार पालक खाना चाहिए जिससे स्तन कैंसर से बचा जा सकता है।

• ब्रोकली (Broccoli)
ब्रोकली में कैंसर से लड़ने वाले तत्व, इंडोल-3-कार्बिनोल (indole-3-carbinol) होता है जो कि स्तन कैंसर के सेल्स की ग्रोथ को कम कर देते हैं। ब्रोकली के नियमित सेवन से कैंसर से बचा जा सकता है। ब्रोकली के साथ पत्ता गोभी और गोभी को मिलाकर खाना चाहिए।

• अखरोट (Wallnut)
अखरोट में बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो स्तन कैंसर की ग्रोथ को कम कर देते हैं इसलिए अखरोट का रोजाना सेवन करना चाहिए।

• ब्लूबेरी (Blueberries)
ब्लूबेरी विटामिन और मिनरल से भरपूर होती हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट एलेजिक भी होते हैं जो स्तन कैंसर से बचाव करते हैं। ब्लूबैरी के साथ स्ट्रॉबेरी और ब्लैकबेरी भी बेहद फायदेमंद होती है।

बचाव :

अगर आपको थोड़ा सा भी संशय हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लीजिये।

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