चेचक एक वायरल संक्रमण (viral infection) है जिससे शरीर पर छाले की तरह दाने बनते हैं और उनमें खुजली (itching) होती है। चेचक ऐसे लोगों को ज्यादा होता है जो बीमार न पड़ते हों या जिन्होंने चेचक से बचने के लिए टीकाकरण न करवाया हो। पहले के समय में युवा होने तक हर कोई चेचक रोग से एक न एक बार जरूर प्रभावित होता था लेकिन आज के समय में इस तरह के रोगों में कमी आई है। ज्यादातर लोगों के लिए, चेचक एक हल्की बीमारी है। फिर भी, यह टीका लगाया जाना बेहतर है। चेचक के टीके चेचक और उसकी संभावित जटिलताओं को रोकने के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

कारण (Causes of Chickenpox)
वरसैला- जोस्टर वायरस (vericells zoster virus) चिकन पॉक्स या चेचक (Chechak) के लिए जिम्मेदार होता है। ज्यादातर मामलों में यह संक्रमित व्यक्ति से अन्य लोगों में फैलती है। शरीर पर दाने निकलने के कई दिन पहले से ही वायरस शरीर में प्रवेश कर चुका होता है और यह दानों के सूखने तक बना रहता है। यह सलाइवा, छींकने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।

चेचक के लक्षण (Symptoms of Chickenpox)
• दानों का एक या दोनों आंखों में फैलना।
• दानों का बहुत अधिक लाल और सूजा हुआ दिखना, यह त्वचा के अन्य संक्रमण के लक्षण भी हो सकते हैं।
• दानों के साथ, चक्कर आना, दिल की धड़कनों का तेज होना, सांस तेजी से चलना, कांपना, मांसपेशियों में समन्वय के नुकसान की तकलीफ, बिगड़ती खांसी, उल्टी, गर्दन में अकड़न या बुखार तेज होना।
• घर में किसी को भी प्रतिरक्षा की कमी या 6 महीने से छोटा बच्चा होना ।

कारण :

चेचक अत्यधिक संक्रमित होती है, और यह तेजी से फैल सकती है। वायरस के दाने के साथ सीधे संपर्क में आने से या खांसने या छींकने से हवा में बैक्टीरिया फैलने से दूसरों को हो सकती है। चेचक (chechak) का खतरा तब और अधिक होता है जब:

• किसी को कभी चेचक न हुई हो।
• चेचक के लिए टीकाकरण न करवाया हो।
• बच्चे जो स्कूल या हॉस्टल में संक्रमण से प्रभावित हुए हों।

लक्षण :

• थकान (कमजोरी) महसूस होना
• बुखार, सिरदर्द
• भूख में कमी
• शरीर पर लाल-गुलाबी, छोटे दानों का उभरना

आयुर्वेदिक उपचार :

• जई का आटा (Oat Flour)
चिकन पॉक्स होने पर शरीर में बहुत तेज खुजली होती है। खुजली से बचने के लिए जई के आटे को पानी में मिलाकर स्नान करना चाहिए। 2 लीटर पानी में 2 कप जई का आटा मिलाकर लगभग 15 मिनट तक उबालें, पके आटे को एक कॉटन के बैग में अच्छी तरह से बांधकर बॉथ टब में डालकर नहाएं।

• भूरा सिरका (Brown Vinegar)
आधा कप भूरे सिरके को पानी में डालकर नहाने से शरीर में हो रही खुजली से निजात पायी जा सकती है। इससे दानों की सूजन कम होती है और दाने सूखने भी लगते हैं।

• नींबू का रस (Lemon Juice)
नींबू का रस पीने से चिकन पॉक्स में राहत मिलती है। उपचार के लिए समय समय पर एक गिलास साफ पानी में नींबू निचोड़कर पीते रहें।

• नीम की पत्तियां (Margosa Leaves)
नीम की पत्तियों को गर्म पानी में डालकर नहाने से खुजली समाप्त होती है। नीम प्राकृतिक रूप से एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। ऐसे में चिकन पॉक्स ठीक करने में बेहद फायदेमंद है।

• बेकिंग सोडा (Baking Soda)
आधा चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं और इस लेप को पूरे शरीर पर लगाकर सूखने दें। इससे चिकनपॉक्स जल्द ठीक हो जाता है।

• सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
आधा कप सेब के सिरके को हल्के गर्म पानी में मिलाकर नहाने से राहत मिलती है। इस पानी में तकरीबन 20 मिनट तक जरूर बैठें।

• विटामिन ई तेल (Vitamin E Oil)
विटामिन-ई युक्त तेल को शरीर पर लगाने से चिकन पॉक्स के दौरान होने वाली खुजली से राहत मिलती है।

• गाजर (Carrot)
उबले गाजर और धनिया खाने से चिकन पॉक्स से आई कमजोरी कम होती है। गाजर और धनिया का सूप बनाकर पीने से राहत मिलती है।

• हर्बल चाय (Herbal Tea)
तुलसी, गेंदा और कैमोमाइल को मिलाकर चाय बनाइए फिर उसमें शहद या नींबू मिलाकर पीजिए। इस चाय को दिन में 3-4 बार पीने से राहत मिलती है।

• हरी मटर (Green Pea)
हरी मटर को पानी में पकाकर इसके पानी को शरीर में लगाइए, इससे चिकन पॉक्स के लाल चकत्ते समाप्त होते हैं।

• अदरक (Ginger)
बाथ टब में ठंडा पानी लें और उसमें अदरक डालकर तीस मिनट तक छोड़ दें। उसके बाद इस पानी में बैठ जाएं। इससे चिकनपॉक्स के दौरान होने वाली खुजली में आराम मिलता है।

बचाव :

• एक चम्मच बेकिंग सोडा (baking soda) को एक गिलास पानी में घोलकर, इस पानी को रूई की सहायता से शरीर पर लगाएं। चेचक से निजात मिलेगी।
• चेचक के दौरान होने वाली खुजली से बचने के लिए ओटमील (oatmeal) को पानी में डालकर नहाएं।
• चेचक (chechak) से होने वाली खुजली से बचने के लिए कैलामाइन लोशन (calamine lotion) को दानों के ऊपर लगाएं।
• दिन में दो से तीन बार प्रभावित स्थान पर शहद लगाएं।
• चेचक को जल्दी ठीक करने के लिए गाजर और हरे धनिया का सूप बनाकर पीएं।
• चंदन के तेल में रूई भिगाकर, प्रभावित स्थान पर लगाएं।
• हरी मटर को उबालकर उसका पेस्ट बनाकर, दानों पर लगाएं, आराम मिलेगा।
• एलोवेरा का ताजा रस निकालकर दानों पर लगाएं।

टिप्स (Tips for Chicken Pox)
• यदि चेचक के साथ बुखार भी है तो खूब पेय पदार्थ पीएं। पानी, जूस और सूप समय समय पर लेते रहें। यदि बच्चा संक्रमित मां का दूध पीता हो, तो मां को दूध नहीं पिलाना चाहिए।
• दानों को न खुजलाएं और हाथों के नाखून छोटे रखें। रात में सोते समय खुजलाने से बचने के लिए हाथों पर ग्लव्स (gloves) पहनें।
• खुजली से बचने के लिए शरीर को ठंडा रखें। हल्के कपड़े पहनें और गरम पानी से नहाने से बचें।
• इस बात का भी ध्यान रखें कि संक्रमण घर के दूसरों सदस्यों तक न फैले। संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर आदि दूर रखें और उन्हें घर के अन्य सदस्यों के कपड़ों से अलग ही धोएं।

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