हर्निया (Hernia) में पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और उसी कमजोर जगह से आंतें बाहर निकल आती हैं। यह समस्या पुरुषों व महिलाओं दोनों में हो सकती है, किन्तु पुरुषों में अधिक पाई जाती है। अधिकाँश मामलों में पुरुषों में हर्निया कमर के भाग में होता है। यह कमर की मांसपेशियों में कमज़ोरी आने पर होता है।
पचास साल की आयु के बाद यह समस्या अधिक देखी गई है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर के आंतरिक अंगों का विकास बाहरी तरफ की दीवार की ओर होने के कारण हर्निया होता है। हर्निया की समस्या जन्मजात भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसे जन्मजात हर्निया (Congenital Hernia) कहते हैं।
कारण :
• पैदाइशी तौर पर
• बढ़ती उम्र
• चोट लगना
• पुराना ऑपरेशन
• भारी वजन उठाना
• पुरानी खाँसी
• मोटापा (Obesity)
• कब्ज
• पेशाब में रुकावट
• गर्भावस्था
• पेट की मांसपेशियों की कमजोरी
• पेट की मांसपेशियों में विकार
• आनुवंशिकता (Hereditiary)
लक्षण :
• किसी भारी वस्तु के उठाने पर पेट में सूजन का उभर आना,
• पेट की चर्बी या आँतों का बाहर की ओर निकलना,
• पेट के निचले भाग में उभार या सूजन महसूस होना
• पेट में फुलावट, दर्द और भारीपन,
• मल-मूत्र त्यागने में परेशानी
• लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने में दर्द महसूस होना,
आयुर्वेदिक उपचार :
• हर्निया के घरेलू इलाज (Home Remedies for Hernia)
अगर हर्निया बड़ी हो, उसमें सूजन हो और काफी दर्द हो रहा हो तो बिना सर्जरी के इसका इलाज संभव नहीं है। लोकिन हर्निया के लक्षण पता लगने पर आप उसे घरेलू इलाज से कम कर सकते हैं। हालांकि, इन घरेलू उपायों से सिर्फ प्राथमिक इलाज ही संभव है और इसे आजमाने पर कभी उल्टे परिणाम भी हो सकते हैं। इसलिए घरेलू इलाज आजमाने से पहले डॉक्टर से जरुर संपर्क कर लें।
• मुलैठी (Licorice)
कफ, खांसी में मुलैठी तो रामबाण की तरह काम करता है और आजमाय हुआ भी है। हर्निया के इलाज में भी अब यह कारगर साबित होने लगा है, खासकर पेट में जब हर्निया निकलने के बाद रेखाएं पड़ जाती है तब इसे आजमाएं।
• अदरक के जड़ (Ginger Root)
अदरक की जड़ पेट में गैस्ट्रिक एसिड और बाइल जूस से हुए नुकसान से सुरक्षा करता है। यह हर्निया से हुए दर्द में भी काम करता है।
• बबूने का फूल (Chamomile)
पेट में हर्निया आने से एसिडिटी और गैस काफी बनने लगती है। इस स्थिति मेंम बबूने के फूल के सेवन से काफी आराम मिलता है। यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है।
• मार्श मैलो (Marshmallow)
यह एक जंगली औषधि है जो काफी मीठी होती है। इसके जड़ के काफी औषधीय गुण हैं। यह पाचन को ठीक करता है और पेट-आंत में एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करता है। हर्निया में भी यह काफी आराम पहुंचाता है।
• हावथोर्निया (Hawthornia)
यह एक हर्बल सप्लीमेंट है जो पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है और पेट के अंदर के अंगों की सुरक्षा करती है। यह हर्निया को निकलने से रोकने में काफी कारगर है। हावथोर्निया में Citrus Seed, Hawthorn और Fennel मिली होती है।
• एक्यूपंक्चर (Acupuncture)
हर्निया के दर्द में एक्यूपंक्चर काफी आराम पहुंचाता है। खास नर्व पर दबाव से हर्निया का दर्द कम होता है।
• बर्फ (Ice)
बर्फ से हर्निया वाले जगह दबाने पर काफी आराम मिलता है और सूजन भी कम होती है। यह सबसे ज्यादा प्रचलन में है।
हर्निया में इन चीजों को नहीं करें (Don’ts in Hernia)
• प्रभावित जगह को कभी भी गर्म कपड़े या किसी भी गर्म पदार्थ से सेंक नहीं दें।
• हर्निया में कसरत करने से परहेज करें।
• हर्निया में ज्यादा तंग और टाइट कपड़ें नहीं पहनें।
• बेड पर अपने तकिए को 6 इंच उपर रखें, ताकि पेट में सोते समय एसिड और गैस नहीं बन पाए।
• एक ही बार ज्यादा मत खाएं, थोड़ी-थोड़ी देर पर हल्का भोजन लें।
• खाने के तुरंत बाद झुकें नहीं।
• शराब पीना पूरी तरह बंद कर दें।
बचाव :
• हर्निया का एकमात्र सफल और कारगर उपाय ओपन और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के रूप में उपलब्ध है।
• 90 प्रतिशत मामलों में हर्निया दोबारा नहीं होता, लेकिन दस प्रतिशत लोगों में ऑपरेशन के बाद फिर से हर्निया की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए डॉक्टर के निर्देशानुसार सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से मुलाकात करने में न हिचकें।
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