सिरदर्द एक आम समस्या है। सिर के किसी भी हिस्से में दर्द हो सकता है और यह दर्द केवल लक्षण होता है जो कि सिर की किसी बीमारी को दर्शाता है। कई बार बहुत ज्यादा तनाव लेने, थकावट होने, भूखे रहने, गर्मी तेज होने या किसी आम शारीरिक समस्या जैसे कि बुखार या जुकाम के कारण भी सिर दर्द हो सकता है।

सिर का दर्द दिमाग में मौजूद पेन सेंसिटिव स्ट्रक्चर (pain sensitive structure) में तनाव होने से होता है। सिर और गर्दन में ऐसी नौ जगह होती हैं जहां पेन सेंसिटिव स्ट्रक्चर होते हैं, जैसे मांसपेशियां, नसें, आंखें, कान, नर्व, आर्टरीज (arteries), सबक्यूटेनियस टिश्यू (subcutaneous tissues), साइनस (sinus), क्रेनियम (cranium) और म्यूकस मेम्ब्रेन (mucous membrane)। ज्यादातर सिर दर्द को पेन किलर खाकर ठीक कर लिया जाता है जबकि कई बार सिर्फ आराम करने या हल्की मसाज से भी सिर दर्द से राहत मिल जाती है।

सिर दर्द के कुछ मुख्य प्रकार हैं (Types of headache)
• तनाव लेने से होने वाला सिर दर्द
• माइग्रेन का दर्द
• ट्रांसफार्म माइग्रेन
• क्लस्टर सिर दर्द
• साइनस सिर दर्द

कारण :

• जब व्यक्ति किसी चीज को लेकर खुद पर दबाव महसूस करता है या किसी स्थिति या परिस्थिति को लेकर असमंजस में होता है। ऐसे में उसका मन अशांत हो जाता है और दिमाग पर ज्यादा गहरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण तनाव होता है और सिर दर्द होने लगता है।
• दिमाग की रक्त वाहिनियों में बदलाव होने से होने वाले दर्द को माइग्रेन का दर्द कहा जाता है। इस तरह के सिर दर्द में सिर के किसी एक हिस्से में चुभन भरा दर्द होता है और दर्द के साथ जी मिचलाने, गैस और उल्टी जैसी समस्याएं भी होती हैं। इतना ही नहीं व्यक्ति फोटोफोबिया (रोशनी से परेशानी) और फोनोफोबिया (शोर से परेशानी) से भी परेशानी महसूस करता है। पर्याप्त नींद न लेने, भूखे रहने या कम पानी पीने से माइग्रेन हो सकता है।
• कुछ महिलाएं हार्मोन में बदलाव के दौरान गंभीर सिर दर्द महसूस करती हैं। यह स्थिति मोनोपोज, मासिक स्त्राव, ओवेल्यूशन आदि के दौरान भी हो सकती है। मासिक स्त्राव में उतारा चढ़ाव से भी इस तरह का सिर दर्द बना रह सकता है।
• कुछ खास तरह की दवाइयों का ज्यादा दिन तक लेने के कारण रिबाउंड सिरदर्द की समस्या हो हो सकती है। कई बीमारियां ऐसी होती हैं जिनमें दवाईयां लंबे समय तक चलती हैं, ऐसे में यह मस्तिष्क को प्रभावित कर सकती हैं। इस तरह का सिर दर्द दवाएं बंद होने के साथ खुद ही बंद हो जाता है।
• दांत दर्द से भी सिर की नसें प्रभावित होती हैं। दांत और सिर की नसें जबड़े पर जाकर मिलती हैं जिससे दांत और सिर एक दूसरें को कनेक्ट करते हैं। जिससे दांत में किसी भी तरह की तकलीफ होने से सिर में दर्द होने लगता है।
• चाय और कॉफी के आदि लोगों को यदि समय पर चाय न मिले तो भी उन्हें सिर दर्द की शिकायत हो सकती है।
• कुछ लोगों को सुबह उठते ही सिरदर्द की शिकायत होती है जबकि कुछ देर बाद यह अपने आप ठीक हो जाता है। कई बार रात में अच्छी नींद न लेने या भूखे पेट सोने के कारण सुबह सुबह सिर दर्द हो सकता है।
• आंखों में किसी तरह की समस्या होने, आंख कमजोर होने, चश्मा न पहनने या कांटेक्ट लैंस में गड़बड़ी होने से सिर दर्द हो सकता है। ऐसी कोई भी समस्या जिससे आंखों पर तनाव पड़ता हो, सिर दर्द होने की वजह हो सकता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति सिर दर्द से परेशान है तो उसे अपनी आंखों को भी जरूर चैक कराना चाहिए।
• कुछ लोगों को आइसक्रीम या बहुत ठंडी चीजों को खाने से भी सिर दर्द की शिकायत हो सकती है। आइसक्रीम या बहुत ठंडी चीजें खाने के बाद माथे के बीच में भारीपन महसूस होता है जिससे सिर दर्द शुरू हो जाता है। इस तरह का दर्द आइसक्रीम खाने के तुरंत बार शुरू हो जाता है।

लक्षण :

• उच्च रक्त चाप होना
• कब्ज या दस्त होना
• ज्यादा शराब पीना
• तनावग्रस्त होना
• पेट ठीक न होना

आयुर्वेदिक उपचार :

• सरसों तेल (Mustard Oil)
सरदर्द में सरसों तेल काफी असरदार होता है। माथे के जिस हिस्से में दर्द हो रहा हो उस तरफ वाले नाक में सरसों के तेल की कुछ बूंदें डाल दीजिए और उसके बाद जोर से सांसों को ऊपर की तरफ खींचिए। इससे सरदर्द से काफी राहत मिलेगी। ध्यान रहे सरदर्द होने पर बिस्तर पर लेटकर दर्द वाले हिस्से को बेड के नीचे लटका कर नाक में तेल लेना चाहिए।

• दालचीनी (Cinamon)
दालचीनी को पानी के साथ महीन पीसकर माथे पर पतला लेप लगाने से सरदर्द में काफी राहत मिलती है। लेप सूख जाने पर उसे हटा लीजिए। तीन-चार बार लेप लगाने पर सरदर्द होना बंद हो जाता है।

• पुष्कर मूल (Pushkar Mool)
पुष्कर मूल एक कुदरती जड़ी बूटी है। इसे चंदन की तरह घिसकर लेप बना लें और सिर पर लगाएं। इसके लेप को माथे पर लगाने से सरदर्द में काफी राहत मिलता है।

• मुलेठी (Mulethi)
मुलेठी सरदर्द में काफी काम करता है। मुलेठी को पीसकर चूर्ण बना लीजिए। इस चूर्ण को नाक के पास ले जाकर सूंघें। इससे सरदर्द छू-मंतर हो जाएगी।

• सौंफ-पीपल-मुलेठी (Saunf, Peepal and Mulethi)
पीपल के पत्ते, सोंठ, मुलैठी और सौंफ सबको पीसकर चूर्ण बना लीजिए। उसके बाद इस चूर्ण में एक चम्मुच पानी मिलाकर गाढा लेप बना बना लीजिए। इस लेप को माथे पर लगाइए। सरदर्द खत्म हो जाएगा।

• मसालेदार चाय (Spicy Tea)
मसालेदार चाय सरदर्द के लिए एक रामबाण की तरह काम करता है। इसे घर में भी आसानी से बनाया जा सकता है। यह एक उत्तेजक पेय पदार्थ है जो दिमाग को सचेत करता है। चाय में थोड़ी अदरख, लौंग और इलाइची मिला कर उबाल दें। हो गया गरमागरम मसालेदार चाय तैयार। मसालेदार चाय को गरमागरम ही पीना चाहिए। इससे आपका सरदर्द तो गायब होगा ही साथ में आप तरोताज़ा भी महसूस करेंगे।

• तेल मालिश (Oil massage)
सरदर्द में तेल की मालिश बहुत असरदार होती है। मालिश से सिर की रक्त धमनियों में रक्त प्रवाह सही से होने लगता है और सरदर्द तुरंत छू-मंतर हो जाती है। ध्यान रहे सिर की मालिश हर्बल तेल से ही करें और सरदर्द होने पर तेल को हल्का गर्म कर लेना चाहिए ताकि यह जल्दी असर करे।

• नींबू पानी (Lemon Water)
काफी मात्रा में शराब पीने से अक्सर लोगों को हैंगओवर हो जाता है। हैंगओवर में काफी तेज सरदर्द होता है। ऐसी स्थिति में नींबू पानी काफी काम करता है। शराब ज्यादा पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और नींबू पानी पीने से शरीर में पानी की कमी भी दूर होती है और सरदर्द भी ठीक होता है।

बचाव :

• सिर दर्द हो तो सबसे पहले कारण जानने की कोशिश करें, उसके अनुसार हल ढूंढें
• गर्मियों में ठंडे तेल की मालिश भी सिर दर्द से राहत दे सकती है
• सिर को हल्के हाथों से दबाकर भी सिर दर्द से राहत मिल सकती है
• अपना ध्यान कहीं और दर्द से हटाकर कहीं और लगाने की कोशिश करें, जैसे हल्का संगीत सुनें
• गहरी सांसे लेने से भी सिर दर्द से राहत मिलती है
• बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट को रोज खाएं, इससे तनाव कम होता है और दिमाग मजबूत होता है
• गर्मी हैं तो ठंडा पानी पीएं और सर्दियां हैं तो सिर को ठंड से बचाकर रखें
• चाय या कॉफी पीकर देखें, इनमें मौजूद कैफीन से भी सिर दर्द में आराम मिलता है

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