हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद बहुत ही जरूरी है। इंसान के शरीर को नींद की उतनी ही जरूरत है जितनी खाने पीने की। पर्याप्त नींद नहीं लेने से हमारी कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है।
हर उम्र में शरीर की नींद की अवधि की जरूरत बदलती है। नवजात शिशु 18 घंटे तक सोते हैं तो वयस्कों को औसतन आठ घंटे की नींद की जरूरत होती है।
पर्याप्त नींद के अभाव का सीधा असर हमारे शरीर की चयापचय प्रक्रिया (Metabolic Process) पर पड़ता है और इससे मधुमेह (Diabetes), वज़न का बढ़ना (Weight Gain), उच्च रक्त चाप (High Blood pressure) जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
अनिद्रा की समस्या (About Insomnia or sleeplessness in Hindi)
चिकित्सा शास्त्र के अनुसार हफ्ते में तीन बार पूरी रात न सोने को नींद न आने की बीमारी यानि अनिद्रा (Anidra) समझा जाता है। अनिद्रा (Insomnia), दुनिया भर की आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जो किसी भी उम्र के पुरुषों और महिलाओं में हो सकती है। इन दिनों लोग विभिन्न प्रकार की अनिद्रा से पीड़ित हैं।
अल्पावधि अनिद्रा (Short term Insomnia)
अल्पावधि या तीव्र अनिद्रा, अनिद्रा का एक आम प्रकार है, यह कुछ दिनों के लिए होती है और कुछ दवाओं या जीवनशैली में किये गये मामूली बदलावों से होती है।
चिरकालीन अनिद्रा (About Chronic Insomnia in Hindi)
अगर अनिद्रा की समस्या काफी लंबे समय के लिए रहे तो यह आपके जीवन को प्रभावित कर सकती है। अगर एक व्यक्ति 30 दिनों से भी अधिक समय तक के लिये ठीक से ना सो पाए तो इसका अर्थ यह है कि वह चिरकालीन अनिद्रा (Chronic Insomnia) से पीड़ित है।
एक शोध के अनुसार, जो लोग कम सोते हैं या फिर अक्सर देर से सोते हैं, अन्य लोगों की तुलना में उनका नजरिया काफी नकारात्मक होता है और वे चिंताओं से घिरे रहते हैं। अमेरिका के बिंघमटन विश्वविद्यालय के जैकब नोटा का मानना है, ‘जो व्यक्ति नकारात्मक विचारों से परेशान है और सही समय पर नहीं सोता है तो उसे गहरी नींद नहीं आएगी ।
कारण :
अनिद्रा का शारीरिक कारण (Causes of Insomnia in Hindi )
• शयनकक्ष में बहुत शोर हो या बहुत ठंडा या बहुत गर्म हो
• बिस्तर छोटा हो या आरामदायक ना हो
• आपकी सोने की कोई नियमित दिनचर्या न हो
• आपके साथी का सोने का समय या तरीका आपसे अलग हो
• आपको पर्याप्त थकान न होती हो या आप पर्याप्त परिश्रम न करते हों
• आप बहुत देर में खाना खाते हों
• आप भूखे पेट ही सोने के लिए चले जाते हों
• सोने से पूर्व चाय, काफी (जिनमें कैफीन नामक रसायन होता है), सिगरेट या शराब का सेवन करते हों
• आपको कोई रोग, दर्द या बुखार हो
अनिद्रा का मानसिक कारण (Reason of Insomnia in Hindi )
• आप भावनात्मक समस्याओं से जूझ रहे हों
• आपको रोजगार सम्बन्धित परेशानियां हों
• आप किसी उलझन और चिन्ता में हों
• आप बार- बार एक ही समस्या के बारे मे सोचते हों
आयुर्वेदिक उपचार :
• हरी साग और सब्जी ज्यादा मात्रा में खाएं (Eat green vegetables more)
हरी साग और सब्जी शरीर के लिए ही नहीं नींद के लिए भी जरुरी है। खासकर जिन सागों के पत्ते बड़े हों और उसमें लिसलिसापन हो तो यह नींद आने में काफी मदद करता है। पोरो और पालक के साग नियमित रुप से खाएं, इससे बेहतर नींद आएगी।
• मैग्नीशियम और कैल्शियम (Magnesium and calcium)
मैग्नीशियम और कैल्शियम दोनों को ही नींद बढ़ाने वाली केमिकल कही जाती है। जब यह दोनों साथ में ली जाए तो और असरदार होती है। मैग्नीशियम खाने से दिल की बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है। रात में 200 Mg मैग्नीशियम(ज्यादा मात्रा न लें, डायरिया हो सकता है) और 600 mg कैल्शियम निश्चित रुप से खाएं, बेहतर नींद आएगी।
• जंगली सलाद पत्ता या काहू (Wild Lettuce)
अगर आपको टेशन, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती होगी तो आप जंगली सलाद पत्ता को जरुर जानते होंगें। यह शरीर की थकावट, डिप्रेशन और अनिदा में भी काफी असरदार होती है। सोने से पहले इसे पैरों में 30 से 120 मिली ग्राम लगा लें, थकावट गायब हो जाएगी और चैन की नींद आ जाएगी।
• हॉप्स (Hops)
यह एक प्रकार का जंगली पौधा है जिसके फल का उपयोग शराब (बीयर) बनाने के काम में आता है। अनिदा, टेंशन और डिप्रेथन के मरीजों को इसके फल का रस पिलाई जाती है ताकि उन्हें आराम की नींद आ सके।
• एरोमाथेरेपी (Aromatherapy)
सुगंध का मस्तिष्क से गहरा संबध है। बहुत सारे लोग अपने बेड पर तकिए के नीचे चमेली के फूल रख कर सोते हैं। कई लोग अपने बालकनी में रजनीगंधा या इसी तरह के सुगंधित फूलों के पौधे लगा कर रखते हैं ताकि इसके सुगंध से रात में बेहतर नींद आ सके। लेवेंडर के फूल भी काफी असरदार होते हैं अनिदा के मरीजों के लिए। तकिए के नीचे इसके फूल रख देने से सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है और नींद बेहतर आती है।
• योग और ध्यान (Yoga or meditation)
योग और ध्यान को नियमित अभ्यास में लाएं। योग में ज्यादा कठिन आसन नहीं करने हैं, साधारण आसन जिससे मन को शांति मिले वही करें। बेड पर जाने, पहले 5 से 10 मिनट ध्यान करें। ध्यान के दौरान कहीं भटके नहीं और मन को सिर्फ अपनी सांस पर एकाग्र करें। रात में बेहतर नींद आएगी।
• एल- थियानीन (L-theanine)
ग्रीन टी में एल –थियानिन नामक एमीनो एसिड पाई जाती है। इसे दिन में पीने से चुस्ती और ताजगी छाई रहती है मन में और रात में पीने से गहरी नींद आती है।
बचाव :
अनिद्रा रोकने के उपाय (Remedies and Treatment of Insomnia)
• शारीरिक परिश्रम शरीर को थकाता है और आराम की जरूरत बढ़ाता है। अतः नियमित खेलकूद या टहलना हमारे लिए लाभदायक है, इससे शरीर चुस्त रहता है और थकान होने के कारण नींद अच्छी आती है।
• बिस्तर एवं शयन कक्ष आरामदायक हो, बहुत ठंडा या गरम न हो। इस बात का ध्यान रखें कि गद्दा आपके लिए उपयुक्त हो।
• सोने से पहले धीमा संगीत भी शरीर को आराम देता है और सोने में मदद देता है।
• सोते समय सिर के नीचे छोटा तकिया रखें। एक तकिया अपने घुटनों के नीचे और दूसरा अपने घुटने और जांघ के बीच रखें। इससे शरीर का वजन निचले हिस्से की ओर आएगा और आप आराम से सो सकेंगे।
• सोने से एक घंटा पहले कमरे की लाइट हल्की कर लें।
• सोते समय अच्छी और सकारात्मक बातें सोचें।
• रात में सोने से पहले दूध पिएं, जिससे अच्छी नींद आएगी। चाय-कॉफी की मात्रा को सीमित करें और दिन भर में दो-तीन बार से ज्यादा इनका सेवन न करें।
• समय पर सोने और जागने की आदत डालें।
• अच्छे दोस्त बनाएं। अकेलेपन से दूर रहें।
• यदि कोई चीज़ आपको परेशान कर रही है और आप उसके बारे में सही तरीके से नहीं सोच पा रहे हों तो अपनी समस्या को सोने से पहले कागज़ पर लिख लें और स्वयं से कहें कि कल आप इस समस्या से निपटेंगे।
• अगर आप सो नहीं पाते हैं तो उठ जाएं और कुछ ऐसा करें जिससे आपको हल्का महसूस हो, जैसे – पढ़ना, टीवी देखना या हल्का संगीत सुनना और जब आप थकान महसूस करें तो फिर से सोने जाएं।
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