अग्न्याशयशोथ (Pancreatitis) अग्न्याशय (Pancreas) में सूजन होना है। अग्न्याशय पेट के पीछे उदर गुहा में स्थित एक अंग है, अग्न्याशय सामान्य रूप से छोटी आंत में पाचन एंजाइमों को छोड़ता है। अगर यह पाचक एंजाइम छोटी आंत में पहुँचने से पहले ही सक्रिय हो जाते है तो यह अग्न्याशय को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
अग्न्याशयशोथ के प्रकार (Types of Pancreatitis)
अग्न्याशयशोथ (Pancreatitis) के दो प्रकार होते हैं:
तीव्र अग्नाशयशोथ (Acute Pancreatitis): यह अचानक और थोड़े समय के लिए होता है। अधिकतर लोग उपचार के बाद ठीक हो जाते है । कभी कभी एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस (तीव्र अग्नाशयशोथ) से शरीर के विभिन्न अंगो जैसे ह्रदय, फेफड़े, और गुर्दो को हानि पहुंच सकती है।
दीर्धकालिक अग्नाशयशोथ (Chronic Pancreatitis): इस में अग्न्याशय में एक लम्बे समय तक सूजन रहती है।
कारण :
• शराब का अधिक सेवन (सबसे आम कारण)
• पित्त नलिकाओं में बाधाएं
• सर्जरी
• कुछ विशेष दवाइयाँ लेना
• अज्ञात कारण (लगभग 15 % मामलों)
• ऊंचा रक्त में ट्राइग्लिसराइड के स्तर (hypertriglyceridemia)
• संक्रमण (बैक्टीरियल, वायरल, फफूंद, या परजीवी)
• एचआईवी संक्रमण
• अग्न्याशय की जन्मजात असामान्यता
• ईआरसीपी की उलझन (इंडोस्कोपिक प्रतिगामी Cholangiopancreatography)
• आनुवंशिकता
• एस्ट्रोजेन
• सल्फोनामाइड्स
• टेट्रासाइक्लिन
• थियाजाइड्स
• अग्नाशय के कैंसर
• हाइपरलिपिडेमिया (रक्त वसा का उच्च स्तर)
• अति कैल्शियम रक्तता (रक्त में कैल्शियम के उच्च सामग्री)
लक्षण :
• आमतौर पर, ह्रदय की गति और साँसों की दर दोनों बढ़ जाते हैं।
• पेट (उदर) के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द होना
• बुखार और दस्त
• मतली और उल्टी
आयुर्वेदिक उपचार :
•दही (Curd)
पाचन तंत्र में संतुलन को बनाए रखने के लिए दही में मौजूद जीवित बैक्टीरिया काफी प्रभावशाली होते हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं।
•पालक (Spinach)
पालक में एंटीऑक्सीडेंट की प्रचुर मात्रा होती है जो कि प्रतिरक्षा को बढ़ावा देती है। पालक का इस्तेमाल साग बनाकर या इसके साथ आलू और पनीर मिलाकर सब्जी के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। पालक का जूस भी पी सकते हैं।
•सब्जी का सूप (Vegetable Soup)
सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से भरी होती हैं जो कि और अग्न्याशय के लिए हर प्रकार से अच्छी होती हैं। सूप भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
•ब्लूबेरी (Blueberry)
ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट अग्नाशयशोथ बढ़ाने में मौजूद कणों का नष्ट कर देता है।
•काला अंगूर (Black Grapes)
काले अंगूर में महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट शामिल होते हैं। जो कि अग्नाशय के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
•टोफू (Bean Curd)
खून में वसा की बड़ी हुई मात्रा से अग्नाशयशोथ हो सकता है। ऐसे में टोफू खाने से वसा नहीं फैलती और यह जल्दी पचने में भी सहायक है।
•सोया (Soybean)सोयाबीन को भी कई तरह से अपने भोजन में इस्तेमाल करके अग्नाशयशोथ से बचा जा सकता है।
•पानी (Water)
यदि आप पेट में बहुत ज्यादा जलन और अग्नाशयशोथ से परेशान हैं तो आपको एक पूरा दिन फास्ट रखकर केवल पानी पर ध्यान देना चाहिए। जितना ज्यादा पानी पीएंगे उतना ही जल्दी आपको आराम मिलेगा।
•हल्दी (Turmeric)
रोग से बचने के लिए हल्दी और दूध भी बेहतरीन काम करते हैं। इसके लिए दूध में हल्दी पाउडर डालकर उबालें और उसे गुनगुना या कमरे के तापमान पर ठंडा करके पिएं।
•नींबू (Lemon)
सुबह सबसे पहले पानी में नींबू डालकर पीने से भी रोगी को काफी राहत हो सकती है।
•हर्बल टी (Herbal Tea)
चाय- कॉफी और शराब की जगह हर्बल टी का प्रयोग करें। यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर कर शरीर को स्वस्थ् रखने में ज्यादा सक्षम है।
•ग्रीन ड्रिंक (Green Drink)
खीरा, अदरक और नींबू को मिलाकर एक ग्रीन पेय तैयार करें। इसके लिए सभी पदार्थों को मिक्सी में डालकर पीस लें। इसके बाद इसमें स्वादानुसार नमक और काली मिर्च डालकर पीएं। यह पेय भी अग्नाशयशोथ में बेहद प्रभावशाली है। आप चाहें तो इसमें कई सब्जियों को मिलाकर भी उनका जूस पी सकते हैं।
बचाव :
• अग्नाशयशोथ का उपचार अग्नाशयशोथ (Pancreatitis) की गंभीरता पर निर्भर करता है।
• साफ-सफाई से रहें।
• गंदे पानी के संपर्क में आने से बचना होगा।
• अग्नाशयशोथ के होने का आभस होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाए।
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