विटामिन सी की कमी होने से सबसे ज्यादा प्रभावित गर्भ में पल रहा शिशु होता है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि महिला में विटामिन सी की कमी हो तो बच्चे का दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता है। विटामिन सी की कमी होने पर व्यक्ति में खून की कमी हो जाती है। कई बार शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन भी आ जाती है। व्यक्ति के दांत भी टूट सकते हैं और मसूडों में अल्सर होने की शिकायत भी हो सकती है।

हालांकि स्कर्वी बहुत कम देखने को मिलती है फिर भी बुजुर्गों, ज्यादा एल्कोहल लेने वालों और ऐसे लोगों या बच्चों में होने की संभावना रहती है जिनकी डाइट में फल और सब्जियों की मात्रा कम होती है। स्कर्वी रोग होने से ब्लड वैसेल, त्वचा और रोगों को ठीक करने की क्षमता कमजोर होती है।

बचाव :

यदि आपको शक हो कि आपको स्कर्वी रोग है तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। डॉक्टर आपके रक्त की जांच करेगा और रोग से संबंधित कुछ सवाल पूछेगा। यह बहुत जरूरी है कि डॉक्टर द्वारा बताए गए दिशा निर्देशों का पालन किया जाए और बताई गई दवाओं को भी नियमित समय पर खाया जाए।

इसके उपचार के दौरान आपके शरीर में विटामिन सी की मात्रा को नॉर्मल किया जाता है। आपके लिए विटामिन सी की प्रचुर मात्रा से संबंधित जानकारी डॉक्टर, आपकी उम्र, जेंडर और आपके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर देगा। इसी के अनुसार आपको अपना डाइट चार्ट बनाना होगा। बहुत सी चीजें हैं जिनका ध्यान रखकर स्कर्वी होने से बचा जा सकता है या स्कर्वी होने के खतरे को कम किया जा सकता है।

• ध्यान रहे कि डाइट में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा हो जिसमें, बेरी, खटटे रसीले फल जैसे नींबू, मौसमी, संतरा आदि , हरी मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जियां, तरबूज और खरबूज आदि शामिल हों।
• डाइट में कई तरह के पौष्टिक चीजें शामिल होनी चाहिए, जिससे शरीर को संपूर्ण विटामिन मिल सकें।
• धूम्रपान को छोड़ना

कारण :

स्कर्वी का पहला कारण भोजन में पर्याप्त विटामिन सी (Deficiency of Vitamin C) का न होना या शरीर को पर्याप्त विटामिन सी न मिलना है। इसके अलावा शरीर पर पर्याप्त ध्यान न देना या सम्पूर्ण भोजन न करने की वजह से भी यह रोग हो सकता है।

विटामिन सी की कमी सबसे पहले समुद्र के जरिये व्यापार करने वाले व्यापारियों में देखने को मिला था जो लंबे समय तक घर से बाहर रहते थे और उन्हें प्रॉपर खाना नहीं मिल पाता था। विटामिन सी पानी में घुलनशील है यानि शरीर न तो इसे बनाता है और न ही स्टोर करके रखता है इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए समय समय पर इसका शरीर में पहुंचना जरूरी है। अन्य कारण जिनसे स्कर्वी रोग हो सकता है, निम्नलिखित हैं

• बच्चों को गाय का दूध ठीक तरह से उबालकर न पिलाने से भी स्कर्वी हो सकता है।
• खाने में फल और सब्जियों की प्रचुर मात्रा न होने पर विटामीन सी शरीर को नहीं मिल पाता।
• धूम्रपान या शराब का ज्यादा सेवन करने पर भी इस रोग से खतरा रहता है।
• गर्भवती होने के दौरान खाने पीने का ध्यान न रखने पर भी स्कर्वी हो सकता है।

लक्षण :

• मसूड़ों में खून आना
• सूखे और दो मुंहें बाल
• पैरालायसिस जैसा महसूस करना
• वजन का न बढ़ना
• स्किन डिस्ऑर्डर

आयुर्वेदिक उपचार :

• हरी मिर्च (Green Chillie)
हरी मिर्च में विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है। हरी मिर्च खाना स्कर्वी रोग से बचने का सबसे अच्छा उपाय है। स्कर्वी के लिए लाल मिर्च का प्रयोग न करें क्योंकि लाल मिर्च हरी मिर्च के समान प्रभावी नहीं है।

• कीवी (Kiwi)
कीवी में भी विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है। कीवी को सलाद के रूप में इस्तेमाल करके विटामिन सी की भरपाई की जा सकती है।

• आंवला (Indian Gooseberry)
आंवला में भी विटामिन सी होता है। आंवला की सूखी कैंडी या आंवला का रस भी स्कर्वी रोग में फायदा देता है। इतना ही नहीं आंवले का मुरब्बा खाना भी स्कर्वी रोग के उपचार में लाभदायक है।

• अमचूर पाउडर (Dry Mango Powder)
कच्चे आम को सुखाकर, उसे पीसकर पाउडर बना लें। यह अमचूर पाउडर खाने से पहले, हर रोज एक छोटी चम्मच खाएं। यह भी शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करता है।

• स्ट्रॉबेरी (Strawberry)
स्ट्रॉबेरी विटामिन सी का उच्च स्त्रोत होती है। स्ट्रॉबेरी को सलाद, स्मूदी आदि किसी भी रूप में खाना स्कर्वी रोग में फायदा देता है।

• संतरा (Orange)
संतरा में एस्कॉर्बिक एसिड की उच्च मात्रा होती है। रोजाना सुबह संतरे का एक गिलास जूस पिएं। इससे शरीर में विटामिन सी की कमी तो पूरी होगी ही साथ ही अन्य पोषक तत्व भी मिलेंगे, जो शरीर को स्वस्थ बनाएंगे।

• नींबू (Lemon)
नींबू में विटामिन सी अधिक मात्रा में होता है। ऐसे में रोजाना नींबू का पानी पीना शरीर में विटामिन सी की कमी को पूरा करता है। स्वाद के लिए नींबू के साथ शहद भी मिलाया जा सकता है, लेकिन नींबू पानी में चीनी मिलाकर न पिएं।

• पपीता (Papaya)
स्कर्वी रोग के उपचार में पपीता भी बेहद प्रभावी फल है। पपीता रोज खाने से भी शरीर में विटामिन सी की कमी पूरी होती है और स्कर्वी रोग से बचाव होता है।

• अजवायन के फूल (Thyme)
स्कर्वी के उपचार के लिए अजवायन के फूल भी बेहद प्रभावी हैं। अजवायन के फूल में भी उच्च मात्रा में विटामिन सी मौजूद होता है। अजवायन के फूल को घरेलू नुस्खों के अलावा कई आयुर्वेदिक दवाओं में भी प्रयोग किया जाता है।

• बेल (Wooden Apple)
बेलफल में साइट्रिक एसिड और ओक्जेलिक की उच्च मात्रा होती है। बेलफल का शरबत बनाकर या इसका गूदा निकालकर खाने से विटामिन सी की कमी को पूरी होती है, जिससे स्कर्वी रोग से बचाव होता है।

• ब्रोकली (Broccli)
लगभग100 ग्राम ब्रोकली में 89 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है। ऐसे में अपने खाने में ब्रोकली का इस्तेमाल भी विटामिन सी की कमी को पूरा करके शरीर को स्कर्वी रोग से बचाता है।

• शिमला मिर्च (Bel Pepper)
शिमला मिर्च में भी विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है। पीली शिमला मिर्च में सबसे अधिक विटामिन सी पाया जाता है, इसके बाद क्रमश लाल और हरी शिमला मिर्च में।

• पार्सले (Parsley)
धनिया की तरह पार्सेले में भी विटामिन सी की उच्च मात्रा होती है। स्कर्वी रोग से बचाव के लिए पार्सेले का प्रयोग भी घरेलू उपचार के साथ-साथ आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है।

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