इबोला वायरस के बाद दुनियाभर में आतंक फैलानी वाली नई बीमारी है जीका। जीका वायरस लोगों के लिए इतना खतरनाक है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जीका वायरस पर ग्लोबल इमरजेंसी घोषित की है। जीका वायरस ब्राजील समेत कई अन्य अमेरिकी देशों में फैला हुआ है और इन्हीं देशों के आने वाले लोगों के द्वारा इसके विश्व के अन्य देशों में फैलने के आसार हैं। आइये जानें जीका वायरस और इसके संक्रमण के विषय में पूर्ण जानकारी (Zika Virus Information in Hindi)। •क्या है जीका वायरस? (What is Zika Virus)जीका वायरस एडीज मच्छर से फैलता है। जीका वायरस का पहला…
Author: News India Web
कभी तनाव (Tanav) लेने से व्यक्ति में किसी भी कार्य को बेहतर करने की लगन पैदा हो जाती है लेकिन स्थिति तब बिगड़ती है जब यह तनाव हावी होने लगता है। जब कोई भी व्यक्ति तनाव लेता है तो उसे कई प्रकार की समस्याओं से परेशान होना पड़ सकता है जैसे: • उसका रक्तचाप बढ़ जाता है।• सांसे सामान्य से तेज चलती हैं।• पाचन शक्ति प्रभावित होती है।• रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।• मांसपेशियां भी तनाव लेने लगती हैं। कारण : जब कोई व्यक्ति खुद पर दबाव महसूस करता है तब व्यक्ति के शरीर से कुछ खास केमिकल निकलते…
सोते वक्त सांस के साथ तेज आवाज और वाइब्रेशन (Sound and Vibration) आना खर्राटे (Snoring) कहलाता है। खर्राटे लेना साधारण-सी परेशानी है, लेकिन जब यह बीमारी का रूप ले लेती है तो गंभीर समस्या बन जाती है। सांस लेने में बार-बार रुकावट होने पर शरीर में ऑक्सिजन का लेवल कम हो जाता है, जिससे बीपी बढ़ जाता है। शरीर में ऑक्सिजन कम होते ही दिल को ऑक्सिजन के लिए ज्यादा प्रेशर लगाना पड़ता है। जब यह समस्या बढ़ जाती है तो हार्ट अटैक भी हो सकता है। कई बार व्यक्ति रात को सही सोता है, लेकिन सुबह पता चलता है…
छींक को एक सामान्य क्रिया माना जाता है। छींक प्रायः तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से परेशानी महसूस करती है। हमारी नाक में म्यूकस झिल्ली होती है जिसके उत्तक (Tissues) और कोशिकायें (Cells) बहुत संवेदनशील होते हैं।सर्दी के कारण छींक (Sneezing in Cold)जुकाम या एलर्जी वगैरह की वजह से इस झिल्ली में सूजन आ जाती है तो इससे इन उत्तकों (Tissues) और कोशिकाओं Cells) की संवेदनशीलता बढ़ जाती है जिससे हमें छींक आने लगती है।छींक के फायदे (Benefits of Sneezing in Hindi)छींक प्रतिरोधी तंत्र की प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा…
स्पोंडिलोसिस या स्पॉन्डिलाइटिस, आर्थराइटिस का ही एक रूप है। यह समस्या मुख्यत: मेरु दंड (Spine) को प्रभावित करती है।स्पोंडिलोसिस मेरुदंड की हड्डियों की असामान्य बढ़ोत्तरी और वर्टेब (Vertebrates) के बीच के कुशन (इंटरवर्टेबल डिस्क) में कैल्शियम के डी-जेनरेशन, बहिःक्षेपण और अपने स्थान से सरकने की वजह से होता है।स्पॉन्डिलाइटिस के प्रकार (Types of Spondylosis)शरीर के विभिन्न भागों को प्रभावित करने के आधार पर स्पॉन्डिलाइटिस तीन प्रकार का होता है:सरवाइकल स्पोंडिलोसिस (Cervical Spondylosis): गर्दन में दर्द, जो सरवाइकल को प्रभावित करता है, सरवाइकल स्पॉन्डिलाइटिस कहलाता है। यह दर्द गर्दन के निचले हिस्से, दोनों कंधों, कॉलर बोन और कंधों के जोड़ तक…
त्वचा की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि को स्किन कैंसर (Skin Cancer) कहते हैं जो प्राय: शरीर के उस अंग की त्वचा में होता है जहां सूर्य की किरणें सीधे पड़ती है। जैसे चेहरा, होंठ, गर्दन, बांह, हाथ और महिलाओं की पैर की त्वचा पर।हालांकि कुछ ऐसे मामले भी देखे गए हैं जिसमें शरीर के उस अंगों की त्वचा में भी स्किन कैंसर हुए हैं जहां सूरज का किरणें पड़ती ही नहीं हैं जैसे- हथेली, हाथ की उंगलियों के नाखून की त्वचा, पैर के अंगूठे की त्वचा और जननांग।स्किन कैंसर तब होता है जब त्वचा की कोशिकाएं असामान्य ढ़ंग से विभाजित…
पेट दर्द में दर्द छाती और पेल्विक रीजन (pelvic region) के बीच उभरता है। यह दर्द तेज, हल्का, चुभनवाला और मरोड़ वाला हो सकता है। पेट में किसी भी हिस्से में कोई भी तकलीफ होने पर पेट दर्द हो सकता है। वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन (bacterial infection) जो पेट और आंतों को प्रभावित करते हैं, के कारण भी पेट दर्द हो सकता है। पेट दर्द आम समस्या है लेकिन कई बार पेट का दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।पेट दर्द कई तरह का होता है (Types of Stomach Ache)पहले तरह का दर्द पेट में एक ही…
मोच (Sprains)शरीर के जोड़ के लिगामेंट (ligament) या स्नायु जब किसी चोट के कारण जरूरत से ज्यादा खिंच जाते हैं तो इस अवस्था को मोच (Sprains or Moch) कहा जाता है। ज्यादा खिंचाव के कारण पेशियों के फाइबर फट जाते हैं और लिगामेंट में घाव हो जाता है। लिगामेंट एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ने (connect) का कार्य करते हैं।Sprains Pain (मोच का दर्द)मोच में प्रभावित स्थान पर ज्यादा दर्द होता है और व्यक्ति का मोच वाला हिस्सा हिलाने- डुलाने में दिक्कत आती है। कई बार मोच इतनी ज्यादा होती है कि व्यक्ति को असहनीय दर्द होता है। कई…
धूप के कारण त्वचा का प्रभावित होना आम बात है। कोई भी व्यक्ति यदि धूप में ज्यादा देर रहता है तो सूर्य की किरणों उसकी त्वचा (Skin) को नुकसान (Damage) पहुंचा सकती हैं। यदि तेज धूप की वजह से त्वचा ज्यादा जल या झुलस जाए तो यह स्थिति सनबर्न (Sunburn) कहलाती है।धूप की अल्ट्रावॉयलेट किरणें (Ultra Violet Rays) त्वचा में उपस्थित मैलेनिन (Melanin) तत्व नष्ट कर देती हैं, जिसके कारण झुलसा हुआ हिस्सा काला या गहरा भूरा पड़ जाता है। कई बार यह त्वचा के कैंसर (Skin Cancer) का कारण भी हो सकता है। इसके कारण त्वचा से संबंधित कई…
मौसम बदलते ही गले में खराश होना आम बात है। सामान्य शब्दों में गले में खराश, गले का संक्रमण (Infection) है। आमतौर पर गले का संक्रमण (Infection) वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है। लेकिन ज्यादा गले की खराश (Sore Throat) वायरस के कारण होती है। यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन यह जितने दिन रहता है काफी कष्ट देता है। कारण : • बदलता मौसम में अकसर खराश की समस्या का सामना करना पड़ता है।• कभी कभी खाने पीने की चीज़ों के विपरीत प्रभाव के कारण भी गले में संक्रमण हो सकता है।• इसके…