*आज के समय में कई लोग अपने अपने जीवनों में कभी किसी मोड पर निर्बल या नकारे जाते हैं। कई लोग तो जब अपने कष्टों और दुखों की चोटी पर पहुंचते हैं तो वे अपने जीवनों का अंत कर देना चाहते हैं परन्तु यदि ऐसे कुछ लोग हैं जो प्रभु यीशु मसीह की ओर देखते हैं जो उन्हें बल देने का सामर्थ रखता है और जब वे प्रार्थना करेंगे तो वह उन्हें निश्चय सामर्थ देगा और उनका बल बढाएगा। वह कहता है, तू हियाव बांध और दृढ हो, उनसे न डर और न भयभीत हो, क्योंकि तेरे संग चलनेवाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; तुझ को धोखा न देगा और न छोडेगा।’’  (व्यवस्थाविवरण 31:6) जब हमें कोई मार्ग नजर नहीं आता, तब वह हमारे लिए एक मार्ग बनाता है और हमें अपने दुख से बाहर निकलने के लिए परमेश्वर कितना अत्यधिक भरोसा रखना चाहिए। क्या आपको जो काम दिया गया उसे करने के लिए घबराते हैं या उन लोगों से डरते हो जो आपके विरुद्ध आपको अपमानित करना चाहते हैं। वह आपके लिए सब कुछ पूरा करेगा।* 
  परमेश्वर जो हमारे पास है वह सब कुछ करने में सम्भव है। परमेश्वर आज आपसे कहता है कि जो शक्ति तुझ में है उसी में तू दृढ हो जा। वह आप से भी कहता है, इसलिए ‘‘मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं, मैं तुझे दृढ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्भाले रहूंगा। (यशायाह 41:10) ‘‘परमेश्वर के बल से आप दौडेंगे श्रमित न होंगे,चलेंगे पर थकित न होंगे।’’ (यशायाह 40:31)*
*Prayer:*
*प्रेमी पिता,आप मेरा बल हैं। मैं आप से प्रेम करता हूं क्योंकि आप मेरे दाहिनी ओर है इसलिए आप मुझे नहीं छोडेंगे। आप मुझे अपना दिव्य अनुग्रह दें जिससे कि मैं अपनी चिंताओं को कोई जगह न दूं और आपको दृढता से थामे रहूं । संकट के समय मुझ में बने रहें और मुझे अपने दिव्य सामर्थ से भरे रहें। हमारे प्रभु यीशु मसीह के सामर्थी नाम में, मैं प्रार्थना करता/करती हूं, हे पिता,आप सुने और कबूल करें।  
*आमीन!*
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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