*गुरु नानक देव जी ने गुरुबानी में कहा :– शब्दो धरती, शब्दो आकाश, शब्दो शबद भया प्रकाश, सारी सृष्टि शब्द के पाछे, नानक शबद घटा घट आछे।* अर्थात शब्द ने धरती बनाई और शब्द ने ही आकाश बनाया। शब्द ने ही सारी चीज़ों की रचना की और शब्द ने ही हर जगह प्रकाश किया। सारी कायनात को चलाने वाला शब्द ही है। वो शब्द हर जगह मौजूद है और उसी शब्द के अनुसार सब कुछ अपनी हदों में रहते है।
उपनिशेद में कहा गया :—
 *अजपा नाम गायत्री योगिनाम मोक्ष दायिनी। यस्य संकल्प मात्रेण सर्व प्रापये प्रमोच्याते
भरतखंड में का गया :—-
 शबद बिना सूरत अँधेरी कहो कहाँ को जाए दवार न पावे शबद का फिर-फिर भटका खाए।* अर्थात:– सब कुछ परमात्मा के पावन नाम (शबद) में ही समाया हुआ है जो इस नाम को जानता है वह सर्वज्ञ है और जो इसको नहीं जानता वह घोर अन्धकार में पडा है। *बाइबिल कहती है :— आदि में वचन था और वचन परमेश्वर के साथ था और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया। वह जगत में था और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ और जगत ने उसे नहीं पहिचाना और शब्द देहधारी हुआ यानी यीशु मसीह।।।।।।।
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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