PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
👉विषय:- हमारी निर्बलता परमेश्वर की सामर्थ्य💐
2 कुरिन्थियों– 12:9-10
और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।
इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं॥
अकसर हम अपनी कमजोरियों को अपनी निर्बलताओं को छुपाने की कोशिश करते हैं।
दूसरे लोगों के सामने हम दिखाते हैं कि हम बहुत सामर्थी हैं। हम कमजोर नही हैं।
प्रभु का वचन यहा पर कहता है कि हमारी निर्बलता अच्छी है क्योंकि प्रभु हमारी निर्बलता में अपनी सामर्थ्य को प्रकट करेंगे।
क्योकि प्रभु अपनी सामर्थ्य को हमारी निर्बलता में प्रकट करेगा इसलिए हमें अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड होना चाहिए।
अगर हम सोचते हैं कि हम सामर्थी हो जाये तो सोच कर देखिए कि आपकी सामर्थ्य क्या क्या कर सकती हैं।
परमेश्वर के प्रिय लोगों हमारी सामर्थ्य सीमित हैं और इतनी अधिक सीमित है कि हम केवल थोड़े ही काम कर सकते हैं।
और मेहनत करके भी हमें कुछ प्राप्त नहीं होता हैं। पैसा कमा सकते हैं पर उससे शांति नही कमा सकते।
बहुत से अमीर लोग जिनके पास सारी सुख सुविधा हैं वह भी आज के समय में परेशान हैं।
लेकिन परमेश्वर की सामर्थ्य के बारे में हम सोच भी नहीं सकते हैं कि वह कितना सामर्थी हैं। वह चंगा करने वाला परमेश्वर हैं। वह हमारे मनो को शांति देने वाला परमेश्वर हैं।
👉इफिसियो–3:20 अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Amen 🙏
Hv a blessed day🙌✝️

