PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
👉विषय:- अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखने वाले।💐
भजन संहिता 49:6,7,10
जो अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखते, और अपने धन की बहुतायत पर फूलते हैं,
उन में से कोई अपने भाई को किसी भांति छुड़ा नहीं सकता है; और न परमेश्वर को उसकी सन्ती प्रायश्चित्त में कुछ दे सकता है,
क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं।
परमेश्वर का वचन हमे इस बात के विषय मे शिक्षा देता है कि जो लोग अपनी सम्पत्ति या धन पर भरोसा रखते हैं और घमण्ड करते हैं व्यर्थ ही करते हैं।
हम में से भी कई लोग ऐसा सोचते होंगे कि पैसा ही सब कुछ हैं कई ऐसे लोग मिलेंगे जो कि पैसों के लिए अपने पति या पत्नी या बच्चों या दोस्त को छोड़ देते हैं।
कई लोगो की सोच होती है कि बस हमारे पास पैसा आ जाए फिर तो सब कुछ ठीक हो जाएगा अच्छा हो जाएगा।
लेकिन ऐसा कुछ भी नही होता।
वचन कहता है कि वे लोग जो अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखते हैं उनमें से कोई भी अपने भाई को छुड़ा नही सकता और न ही वह परमेश्वर को उसकी सन्ती प्रायश्चित्त में कुछ दे सकता है और आगे वचन कहता है कि चाहे बुद्धिमान हो या मूर्ख अमीर हो या गरीब हर एक व्यक्ति मरता है और अपनी धन सम्पत्ति औरो के लिए छोड़ कर जाता है।
इसलिए यह जान लेना महत्वपूर्ण है कि हम मनुष्य ही है केवल और हमारे जीवन मे प्रथम स्थान परमेश्वर का है धन का नही।
हमारे पास जब धन सम्पत्ति हो तो भी हमारा भरोसा परमेश्वर पर हो पैसे पर नही और हम जब अमीर बने तो और ज्यादा नम्र और दीन बने। यदि अमीर ना भी हो तो जो कुछ हमारे पास है उसमें तसल्ली रखें।
👉1तिमुथी-6: 6-12,17 पर सन्तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
7) क्योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं।
8) और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्हीं पर सन्तोष करना चाहिए।
9) पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
10) क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।
11) पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
12) विश्वास की अच्छी कुश्ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्छा अंगीकार किया था।
17) इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Amen 🙏
Hv a blessed Sunday 🙌✝️

