PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
*आत्मा में चलना*😊❤️💒✝️📖🙏
हे भाइयों, तुम स्वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो*; परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, *वरन् प्रेम से एक दूसरे के दास बनो*।
*क्योंकि सारी व्यवस्था इस एक ही बात में पूरी हो जाती है, “तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख*।” (मत्ती 22:39-40, लैव्य. 19:18)
पर यदि तुम एक दूसरे को दाँत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।😢
पर मैं कहता हूँ, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे।
और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के अधीन न रहे।
शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् *व्यभिचार, गंदे काम, लुचपन,
मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म,
डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इनके जैसे और-और काम हैं*, इनके विषय में मैं तुम को पहले से कह देता हूँ जैसा पहले कह भी चुका हूँ, कि ऐसे-ऐसे काम करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, शान्ति, धीरज, और दया, भलाई, विश्वास,
नम्रता, और संयम हैं; ऐसे-ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।
*और जो मसीह यीशु के हैं, उन्होंने शरीर को उसकी लालसाओं और अभिलाषाओं समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है*।
*यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी*।
हम घमण्डी होकर न एक दूसरे को छेड़ें, और न एक दूसरे से डाह करें।
Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️

