*व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा हो जाता है|*आप क्या हैं, कैसे हैं, सब कुछ आपके सोच पर निर्भर है| अगर आप सोचते हैं, कि आप कमज़ोर हैं, तो यक़ीनन आप हैं| *जब आप ख़ुद को कमज़ोर समझते हैं, तब आप  समस्याओं से छिपने की कोशिश करते हैं|* यर्मियाह 1:6 में लिखा है –देख मैं बोलना ही नहीं जानता, क्योंकि मैं लड़का ही हूं| यहोवा परमेश्वर ने कहा मत कह कि मैं लड़का हूं| *परमेश्वर हमारा सोच बदलना चाहता है|* यर्मियाह 15:20 में ख़ुदा ने फ़रमाया —मैं तुझको उन लोगों के सामने, पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा, वो तुझसे लड़ेंगे, परन्तु तुझपर प्रबल नहीं होंगे|  जब तक आप ना चाहें, कोई आप पर हावी नहीं हो सकता| शैतान आपसे लड़ता है, तो लड़ने दीजिये| जो मसीह में हैं, वो पीतल की शहरपनाह से कम नहीं हैं|* 
आमीन
प्रभु हमारी सोच को बदलने आया 
रैव्ह राजेश गिरधर
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