TO MY HEAVENLY FATHER
HAPPY FATHER’S DAY
पिता परमेश्वर की तरफ से कुछ ऐसी बातें मुझे मिली जो मै आपके सामने पेश कर रहा हूं इसे आप ध्यान से सुने, यदि हमने इनका पालन किया तो जीवन भर कभी भी कोई दुख कोई तकलीफ़ हमारे पास नहीं आयेगी :——–
यदि हम आत्मिक पिता परमेश्वर का मान सम्मान करने के साथ-साथ अपने संसारिक पिता का उतना ही मान सम्मान करते हैं तो वह पिता परमेश्वर की निगाहों में उतम माना जाता है।
पिता परमेश्वर की आज्ञा है:—–
(1)*पिता की सख्ती बर्दाश करो, ताकी काबील बन सको,*
(2)*पिता की बातें गौर से सुनो, ताकी दुसरो की न सुननी पड़े,*
(3)*पिता के सामने ऊंचा मत बोलो वरना परमेश्वर तुमको निचा कर देगा,*
(4)*पिता का सम्मान करो, ताकी तुम्हारी संतान तुम्हारा सम्मान करे,*
(5)*पिता की इज्जत करो, ताकी इससे फायदा उठा सको,
(6)*पिता का हुक्म मानो, ताकी खुश हाल रह सको,*
(7)*पिता के सामने नजरे झुका कर रखो, ताकी खुदा तुमको दुनियां मे आगे करे,*
(8)*पिता एक किताब है जिसपर अनुभव लिखा जाता है,*
(9)*पिता के आंसु तुम्हारे सामने न गिरे, वरना परमेश्वर तुम्हे दुनिया से गिरा देगा,*
(10)*पिता एक एसी हस्ती है …!!!!*
*माँ का मुकाम तो बेशक़ अपनी जगह है ! पर पिता का भी कुछ कम नही, माँ के कदमों मे स्वर्ग है पर पिता स्वर्ग का दरवाजा है, अगर दरवाज़ा ना ख़ुला तो अंदर कैसे जाओगे ?*
*जो गरमी हो या सर्दी अपने बच्चों की रोज़ी रोटी की फ़िक्र में परेशान रहता है, ना कोइ पिता के जैसा प्यार दे सकता है ना कर सकता है, अपने बच्चों से !!*
*याद रख़े सुरज गरम ज़रूर होता है मगर डूब जाए तो अंधेरा छा जाता है,*
अपने मां बाप की इज्जत करना,
उनकी आज्ञा का पालन करना और उन्हें खुश रखना हम सबका पहला फर्ज भी है और पहला कर्तव्य भी है। यदि यह हमसे खुश रहे तो हमारा स्वर्गिय पिता परमेश्वर भी हमसे खुश रहेगा।
आमीन
मां बाप की सेवा ही सच्ची सेवा है
रैव्ह राजेश गिरधर

