PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
👉विषय:- सीखने वाली जीभ।💐
यशायाह 50:4-5
प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं।
प्रभु यहोवा ने मेरा कान खोला है, और मैं ने विरोध न किया, न पीछे हटा।
प्रभु का वचन यहाँ पर कहता है कि प्रभु ने हमे जो ये शब्द दिए हैं वह इसलिए दिए हैं ताकि हम थके हुओं को अपने शब्दों के द्वारा संभाल सके।
और सम्भालने के लिए पहले यह सीखना जरूरी है कि कैसे सम्भाले। यशायाह यहाँ पर कहता है कि प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वाली जीभ दी है।
मेरे प्रियो हम सभी को भी परमेश्वर ने ऐसी ही सीखने वाली जीभ दी हैं ताकि हम अच्छे से सीखे।
कई बार हम लोग अपने शब्दों का इस्तेमाल इसलिए करते हैं ताकि किसी को बुरा बोल सके। कई लोग मसीह में आने के बाद भी गालियां देते हैं और कोसते है अपने ही लोगो को लेकिन हम यह नही सोचते हैं कि हम इसी मुँह से प्रार्थना भी करते हैं।
👉याकूब–3:12 क्या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलते हैं? हे मेरे भाइयों, क्या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता॥
👉नीतिवचन–18:21 जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
इसलिए हम अपने शब्दों की ओर गौर करें। ध्यान रखे कि आप क्या बोलते हैं, क्योकि आप ही के शब्दों के द्वारा परमेश्वर कई लोगो के जीवन को बदलना चाहता है।
परमेश्वर हमारे मुंह के फल का सिरजनहार है।
यशायाह कहता है थके हुओ को अपने शब्दों के द्वारा सम्भाल सकूं।
हम भी प्रभु से यही प्रार्थना करें कि प्रभु हमे सिखाये ताकि हम खुद भी आशीष पाएं और दूसरो के लिए भी आशीष का कारण बन जाएं।
सबसे महत्वपूर्ण हम सीखें जो वचन में लिखा है और उन बातों से कभी पीछे न हटे।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️

