शरीर पर मन लगाना तो मृत्यु है, परन्तु आत्मा पर मन लगाना जीवन और शान्ति है । क्या यह बात हम मसीही समझते हैं यह आखिर है क्या क्यों बाइबिल शारीरिक बनने को मना करती है क्योंकि यह एक वचन और है जो हमे सच्चाई बताता है ।
रोमि 8 ; 13 – यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे तो जीवित रहोगे । जब हम शरीर के कामों को पूरा करने की कोशिश करते हैं तब हमारा शरीर आत्मा के विरोध मे काम करने लगता है जो कि प्रभु से दूर होने का भी कारण हो सकता है।
शरीर वो सब काम करने की अभिलाषा करता है जो एक व्यक्ति को पाप मे जाने के लिये काफी होता है ; मगर आत्मा शरीर से विपरीत काम करती है वो व्यक्ति को साफ रखना चाहती है ताकि जो यीशु का लहू व्यक्ति पर लगाया गया वो व्यर्थ न हो और व्यक्ति अनन्त जीवन पाकर प्रभु के पास जाए । क्योंकि यदि मसीह तुम मे है, तो देह पाप के कारण मरी हुई है; परन्तु आत्मा धर्म के कारण जीवित है ।और आत्मा जानती है परमेश्वर की क्या योजना व्यक्ति के लिये है आत्मा हमे शारीरिक कमजोरियों से बचाना चाहती है जिसकी आवाज सुनना बेहद जरूरी है आत्मिक जीवन जीना आज के हालात को देखते हुए मुश्किल तो लगता है पर लगातार प्रार्थना से यह संम्भव हो जाता है ।क्योंकि आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की संन्तान है ; परमेश्वर हम सबको आत्मिक जीवन जीने मे सहायता करे, आज हम सबकी यही प्रार्थना होनी चाहिए।
आमीन
प्रभु आप सबको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

