हे जवान, अपनी जवानी में आनन्द कर, और अपनी जवानी के दिनों मे मगन रह; अपनी मनमानी कर और अपनी आँखों की दृष्टि के अनुसार चल परन्तु यह जान रख कि इन सब बातों के विषय परमेश्वर तेरा न्याय करेगा ।
जिन्दगी की परवाह न करते हुए जवान अपनी जवानी में मस्त रहते हैं यह एक सत्य है जिसे झुटलाया नहीं जा सकता बचपन बीतने के बाद जब लडका या लडकी जवानी मे कदम रखते हैं तो वो एक ऐसे पक्षी की तरह होते हैं जो आकाश को छू लेना चाहता हो सब जगह उड कर पहुँच जाना चाहता हो।
सब प्रकार के बन्धन बुरे लगने लगते हैं, बडों की सलाह बेकार लगने लगती है, सारी दुनिया गलत और खुद के फैसले सही लगने लगते हैं।हर वो काम करने का मन करता है जो अभी तक नहीं किया सब कुछ सुहाना लगने लगता, दुनियां रंगीन नजर आती क्योंकि आँखों पर जवानी का चशमा होता सब चमकदार दिखता ; सच्चाई से कोसों दूर व्यक्ति अपनी सपनों कि दुनियां बसाकर जीने लगता है ।
तब बहुत सी गलतियां होती, बहुत सी ठोकरें भी लगती हैं कुछ समझ जाते, कुछ नहीं समझते; जो समझ जाते वो बच जाते जो नहीं समझते वो दुख उठाते हैं।
बाइबिल जवानों को सलाह देती है जो तुम जवानी में करते हो उस पर परमेश्वर की नजर है हर पल वो तुम्हें देखता है जिसका पलटा वो तुमसे लेगा।
यह भी एक सच्चाई है, परमेश्वर की आज्ञाएँ व भय जवानों को अपने अन्दर रखना जरूरी है नहीं तो रास्ता भटकने का खतरा है ।
आमीन
प्रभु सबको आशीष दे ।

