PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
👉विषय:- मसिहत में चलना व जड़ पकड़ना।💐
कुलुस्सियों 2:6-7
सो जैसे तुम ने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण कर लिया है, वैसे ही उसी में चलते रहो। 
और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो॥ 
यहाँ पर परमेश्वर का वचन हम सभी मसीह लोगो से कहता है कि जैसे हमने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण कर लिया है। वैसे ही उसमे चलते भी रहें।
यह हमारे लिए बहुत जरूरी है। यूहन्ना की पुस्तक कहती हैं कि हम उसमे बने रहे ताकि फलवन्त हो। मसीह से अलग होकर हमारा कोई भी अस्तित्व नही है।
हमे चाहिए कि हम मसीहत में चलते रहे। *चलते रहना मतलब उसकी आज्ञाओ के, शिक्षा के अनुसार चलते रहना। उसमे बढ़ते रहना है।* 
आगे वचन कहता है कि उसमें जड़ पकड़ते और बढ़ते रहना। जैसे वचन के द्वारा हम सिखाए गए हैं वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ।
हम मसीह जीवन मे सिर्फ ऊपरी बातों में ही नही चलते जाना है बल्कि हमारी जड़ें मजबूत होनी चाहिए। जिस तरह से एक पेड़ की जड़े अंदर तक फैली होती हैं और अगर ऐसा नही होगा तो वह पेड़ बढ़ नही पाएगा फलवन्त नही हो पाएगा। वैसे ही मसीह जीवन मे जड़ें मजबूत होना जरूरी है।
कई ऐसे लोग होते हैं जो कई सालों तक मसिहत में होने के बाद भी वह चर्च आना छोड़ देते हैं क्योकि उनका जीवन मसीह में मजबूत नही होता है। 
हम लोग ऐसे नही बनना है। हम अपने आप को वचन और संगति में बढ़ाते जाना है और सबसे महत्वपूर्ण हम प्रभु को धन्यवाद देते हुए मसीह जीवन में आगे बढ़ना है ।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️
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