यहोवा यों कहता है : बुद्बिमान अपनी बुद्बि पर घमण्ड न करे , न वीर अपनी वीरता पर , न धनी अपने धन पर घमण्ड करे ;
घमण्ड चाहे पेसे का , ताकत का , बुद्बि का , सुन्दरता का , कैसा भी घमण्ड करना इन्सान कि बरबादी का ही कारण होता है घमण्ड में व्यक्ति की आँखे चडी रहती हैं उसे सब अपने से छोटे नजर आते हैं सब को वो छोटा समझने लगता है बहुत बार लोग अपने घमण्ड की वजह से अपराधी होकर जेल भी पहुंच जाते हैं, अपने घमण्ड को पूरा करने के लिये ताकतवर कमजोर को कुचलता है,
पैसे वाला गरीब पर अत्याचार करता है,बुद्बिमान सीधे लोगों को मूर्ख बनाता है, दुनिया में लोग एक दूसरे को हानि पहुँचा कर ही अपनी शान समझते हैं ।
जो व्यक्ति के पतन का कारण भी होता है ; बाइबिल कहती है घमण्ड से चडी हुई आँखों से परमेश्वर नफरत करता है और घमण्डी मनुष्य ज्यादा समय तक टिक नहीं पाता अगर ज्यादा जीना है तो घमण्ड को त्यागना होगा सिधाई से चलना होगा , परमेश्वर का भय मानना होगा ताकि व्यक्ति नाश न हो घमण्ड परमेश्वर पर करना सीखो जैसा कि यह वचन भी कहता है ।
यिर्म 9 : 24 – परन्तु जो घमण्ड करे वह इसी बात पर घमण्ड करे, कि वह मुझे जानता और समझता है , कि मैं वह यहोवा हूँ जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है ; क्योंकि मैं इन्हीं बातों से प्रसन्न रहता हूँ ।
घमण्ड सिर्फ परमेश्वर पर करो न कि अपने आप पर तो जिन्दगी आसान हो जाएगी ।
आमीन
प्रभु आप सबको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

