बाइबिल मे परमेश्वर मनुष्य को हमेशा चैतावनी देता आया है,और कहता आया है ऐ मेरे बच्चों सुधर जाओ , निकल जाओ ,बचो ,मत डरो, व्यभिचार से भागो , किसी का बुरा न करो , माँ बाप का आदर करो , पत्नी से सम्भलकर बोलो ,इस तरह के शब्दों के द्बारा परमेश्वर हमे हमेशा आगाह करता आया है पर मनुष्य फिर भी इन शब्दों को सुनकर अनसुना करता है जब उस का परिणाम बुरा आता तो उसकी उँगली परमेश्वर की ओर उठती है तूने हमें बचाया क्यों नहीं उसके बाद शुरू होता है बुराई का सिलसिला,
लडाई कि शुरुआत, गरीबी की शुरुआत, और मनुष्य उठ नही पाता। प्रभु हमेशा आपको और मुझे बचाना चाहता है इसीलिये कहता है निकल जाओ इन बुराइयों से निकल जाओ उस अन्धकार से जो शैतान ने तुम्हारे लिये किया है।निकल जाओ लालच से जिसमें फसकर तुम अपना सब कुछ लुटा सकते हो चैतावनी हमेशा मिलती है जो समझदार है वो तो निकलकर यीशु मसीह की शरण मे आकर अपने पापों की क्षमा माँगकर बच जाता है पर जो अपने ही आपे से बाहर नहीं आते वो शैतान के दोस्त होकर रह जाते हैं
अभी भी वक्त है सम्भल जाओ प्रभु को ग्रहण करो वो सब पापों से क्षमा करनेवाला है वो आपको बुलाता है
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर

