PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
👉विषय:- प्राचीनों के अधीन रहो।💐
👉1 पतरस 5:5
हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, वरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है। 
परमेश्वर का वचन यहां पर कहता है कि हम अपने प्राचीनों के अधीन रहें।
अधीन मतलब आदर के साथ व्यवहार करें, उनकी बातों को सुने और मानें।
हम जिस भी कलीसिया से हैं जरूर हमारी कलीसिया में हमसे भी पुराने मसीह लोग होंगे और जो कुछ भी वचन के अनुसार सही सिखाते हैं वचन कहता है हम उनकी सुनें।
हम अपने पास्टर और पुराने मसीह भाई बहनों का आदर करें। उनकी बातों पर गौर करें। अकसर लोग इस बात की ओर ध्यान नहीं देते हैं।
उन्हें लगता है क्या जरूरत है पास्टर और पुराने लोगो को आदर देना और हम अपने परिवारों में या बहुत से लोगों के बीच मे उन्हें फालतू समझते हैं।
यह बहुत ही बुरी बात है कि जो लोग हमारे लिए शुरूआत से प्रार्थना कर रहे हैं हम उन्हें आदर नही दे सकते हैं। हमे वो फालतू लगते हैं जो हमारे लिए मेहनत करते हैं कि हम प्रभु में आगे बढ़ें।
वचन कहता है कि जैसा हम करते हैं वैसा ही हमें वापस मिलेगा। अगर हम आदर नहीं देते और कलीसिया के पास्टर और अगुवो की नहीं सुनते हैं तो हमारे बाद आने वाले हमारी नही सुनेंगे।
कई बार हो सकता है कि हमारे कलीसिया के अगुवे व पास्टर उम्र में हमसे छोटे हों लेकिन फिर भी मसीहत में उन्होंने हमसे ज्यादा ही समय बिताया है और उनका अनुभव भी हमसे अधिक ही होगा और क्योंकि परमेश्वर ने उन्हें हमारे ऊपर अगुवा ठहराया है तो हमें उनकी अधीनता में रहना है।
वचन कहता है कि अगुवे यदि कुटिल भी हों तो उनकी अधीनता में हमें रहना है।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️
Share.
Leave A Reply