PRAISE THE LORD
🙏Good Morning 🙏
👉विषय:- क्या हम अपने प्रेम रखने वालों से ही प्रेम रखते हैं?🙏
👉मत्ती 5:44-45
परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो। 
जिस से तुम अपने स्वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनो पर अपना सूर्य उदय करता है और धमिर्यों और अधर्मियो दोनों पर मेंह बरसाता है। 
परमेश्वर का वचन हमसे इस प्रश्न को पूछता है कि क्या हम अपने प्रेम रखने वालों के साथ में ही प्रेम रखते हैं, क्या हम उन्हीं से अच्छी बातें करते हैं जो कि हमसे करते हैं?
      सच में हमें जाँचने की  जरूरत है। हमें जरूर इस सवाल का जवाब मालूम होना चाहिए।
यीशु मसीह ने इस बात को साफ किया। उन्होंने कहा कि हम अपने बैरियों से प्रेम रखें और जो सताते हैं उनके लिए प्रार्थना करें।
ऐसा कहने का कारण यह है कि हम सभी जानते हैं कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं और सन्तान अपने पिता की तरह ही होना चाहिए।
यूहन्ना 1:12
अगर हम सिर्फ अपने प्रेम रखने वालों के साथ ही प्रेम रखते हैं तो यह जान ले कि परमेश्वर ऐसे नहीं हैं।
परमेश्वर का वचन कहता है कि वह भले और बुरे दोनों के लिए सूर्य उदय करता है किसी एक के लिए नहीं और मेंह भी वह धर्मियों व अधर्मियों दोनों पर  बरसाता है।
जब परमेश्वर किसी से भेदभाव नहीं करते हैं तो हम क्यों करें और अगर हमें यह करना मुश्किल लगता है तो जरूर आप फिलिप्पियों की पुस्तक 4:13 को पढ़े जिसमें लिखा है जो मुझे सामर्थ देता है उसमें में सब कुछ कर सकता हूँ। 
हम अपने पिता की तरह बनें किसी मनुष्य की तरह नहीं।
परमेश्वर आप सभी को आशीष करें।
सभी को जय मसीह की।
Amen 🙏
Hv a blessed day 🙌✝️
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