वचन के द्वारा परमेश्वर की गुप्त बातें :—
(1) परमेश्वर गुप्त में रहता है। (मत्ती 6:4)
(2)वह अपने को गुप्त में रखता है। (यशा. 45:15)
(3) गुप्त बातें परमेश्वर के वश में है। (व्य. वि. 29:29)
(4) वही गूढ़ और गुप्त बातों का जानता है। (दानि.2:22)
(5) वह सब गुप्त बातों का चाहे वे भली हो, या बुरी हो न्याय करेगा। (सभोप.12:14)
(6)वह यीशु मसीह के द्वारा मनुष्यों की गुप्त बातों का न्याय करेगा। (रोमी. 2:16)
(7) वह गुप्त बातों को प्रकाशित करता है। (भ. स.49:4)
(8) उसकी प्रतिज्ञा है, गुप्त स्थानों में गड़ा हुआ धन दूंगा। (यशा.45:3)
(9)जो जय पाए उसको मैं गुप्त मन्ना में से दूंगा। (प्र.वा.2:217)
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे

