यूह 10 ; 11 – अच्छा चरवाहा मैं हूँ ; अच्छा चरवाहा भेडों के लिए अपनी जान देता है । 12 – मजदूर जो न चरवाहा है और न भेडों का मालिक है , भेडिये को आते देख भेडों को छोडकर भाग जाता है ; और भेडिया उन्हें पकडता और तितर बितर कर देता है ।
यीशु मसीह ने जब अपनी भेडों को सम्भाला तो उन्हें अच्छे से तैयार किया सब कुछ उन्हे सिखाया ; जीवन के गूढ रहस्यों की बातों को दृष्टान्तो मे समझाया यह एक परमेश्वर ही कर सकता है जो उसने किया भी ; 
और यह सब काम यीशु मसीह के द्वारा किये,उसने खोई हुई भेडों को ढूँढा , और जो लोग अन्धेरे में थे उन्हे रोशनी दी , और जो बिमार ओर घायल थै उन्हे चंगा किया व उनको बलवान बनाकर लोगों के सामने मिसाल पैश की यही करने वो आया था जितनी कलीसियाओं के लोग हैं वो उसी के हैं चाहे पासवान (Pastor) कितना ही कहें यह मेरी भेडें हैं , पर वो सिर्फ यीशु मसीह की भेडें हैं जो भी उन्हे अपनी भेड कहकर हक जताता है वो भ्रम में जी रहा है उसका कुछ भी नहीं सब यीशु मसीह का है, पासवान (Pastor) का काम है उन्हें एक जगह लाकर पवित्रात्मा की सहायता से उन्हे सिखाने का अधिकार रखता है यही उसका काम है यही करना भी चाहिए इससे अधिक नहीं इससे अधिक जो होता है वो लालच को जन्म देता है जो कि सही नहीं है ; जो परमेश्वर का है वो परमेश्वर का ही रहेगा वो अपना ले लेगा इसलिये जो सही है, वही परमेश्वर के हाथों में है। 
आमीन
प्रभु आपको और आपके परिवार को आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
Share.
Leave A Reply