भय (डर) यह एक ऐसा शब्द है जिसको सुनते ही मनुष्य के सोचने समझने , काम करने की शक्ति कम हो जाती है ।डर हम सब में होता है , मगर परमेश्वर पर भरोसा सब में नहीं होता ।
जिसको भी परमेश्वर पर भरोसा होता वो डर पर काबू पा जाता है और परमेश्वर उसे बचाने भी आ जाते हैं ।
जिस प्रकार पतरस जब तक यीशु मसीह को देख रहा था तब वो पानी पर चल पा रहा था , पर उसने जैसे ही हवा को देखा और डर गया ? डूबने लगा , चिल्ला उठा , परमेश्वर मुझे बचा मैं डूबा जाता हूँ और तभी यीशु मसीह ने उसका हाथ थाम कर पानी से बाहर खींच लिया ।
परमेश्वर की ओर जब हम देखते व चलते हैं तब वो हमारी रक्षा करता है जैसे ही हमारा ध्यान परमेश्वर से दूर होते जाते हैं हमें डर लगने लगता है।
यही परमेश्वर की महिमा है वो साफ साफ कहता है मत डर बस विश्वास कर , भजनकार कहता है मनुष्य मेरा कुछ नहीं कर सकता हमें भी इस वचन को अपने हृदय में रख छोडना है कि परमेश्वर हमारे साथ है हम नहीं डरेंगे ।
आमीन
प्रभु ने हमें डर का नहीं, बल्कि हिरासत का आत्मा दिया है
आपकी सेवा में प्रभु का दास
रैव्ह राजेश गिरधर

