शान्ति एक ऐसा शब्द है जिसकी चाहत सब करते मगर मिलती उसी को है जो परमेश्वर के पीछे पूरे मन आत्मा जीवन प्राण से हो लेता वही शान्ति पा जाता है ।
सच्ची शान्ति यीशु मसीह के पास आकर ही मिलती है यह दुनियां के कम लोग ही गहराई से जान पाए हैं जो जान पाए उन्होंने फिर कुछ और जानने समझने की कोशिशों को छोड दिया संसार भी शान्ति चाहता ढूँढता भी है कोई किसी की खुशी में खुश होकर , कोई किसी के दुख मे शामिल होकर , कोई किसी के सपनों को पूरा करके शान्ति पाता है तो कोई किसी के सपने को चुरा कर शान्ति का आनंद लेता है ।
पर वो सब तो क्षणिक शान्ति होती है जो कुछ पल या कुछ घन्टों , या कुछ दिनों बाद समाप्त हो जाती है मगर यीशु मसीह की शान्ति हमारे पर हर समय रहती है बशर्ते हम उसे सम्भाल कर रख सकें ? जब हम यीशु की शान्ति अपने अन्दर पा जाते हैं तब सब बाहरी शान्ति हमें वो खुशी नही दे पाती जो हमें यीशु से मिलती है
जब तक हम यीशु में बने रहते हैं तब तक आनन्दित और शान्ति पाए हुए रहते हैं जब भी हम यीशु से बाहर निकल जाते हैं तब हम सांसारिक हो जाते और वो शान्ति हमसे दूर होने लगती है इसीलिये हमें मसीह में बने रहना जरूरी है क्योंकि शान्ति हमें यरूशलेम में ही मिलेगी यही सच्चाई है ।
आमीन
प्रभु यीशु मसीह में ही सच्ची शांति है

