बुद्बिमान अपनी बुद्बि पर घमण्ड न करे , न वीर अपनी वीरता पर , न धनी अपने धन पर घमण्ड करे ; यह वचन हम सबके लिये एक चैतावनी है । जो परमेश्वर हमे दे रहा है अकसर जब किसी को बहुत ज्यादा पढने के बाद , या बहुत से मैडल लेने के बाद , या बहुत सा धन आने के बाद घमण्ड आ जाता है; तब वह व्यक्ति अपने को दूसरों से क्षेष्ठ समझने लगता है वीर को अपनी ताकत के सामने दूसरे कमजोर लगने लगते हैं ।
बुद्बिमान अपने आगे दूसरों को मूर्ख समझने लगते और बिना मांगे अपनी सलाह देकर दूसरों का अपमान करते रहते हैं । धनी व्यक्ति हो जाने पर दूसरों को गरीब , बैकार , और नाकारा समझने लगते हैं ।
इन बातों से परमेश्वर को बहुत घृणा आती है ,यह बात बाइबिल हमें समझाती है जिसे हमें समझने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि वीरता उम्र के साथ खत्म हो जाती है ; बुद्बि भी धुंधली पड जाती है ; और पैसा तो किसी के पास टिकता ही नहीं आज यहाँ तो कल वहाँ  ; यह तीनों चीजें ही स्थाई नहीं है ।
इन पर घमण्ड करके हम परमेश्वर के और मनुष्यों के सामने अपने आप को नीचा क्यों करें यह सब वक्त के साथ चला जाएगा मनुष्य इस संसार में खाली हाथ, बिना कपडों के आया ; तथा खाली हाथ बिना कपडों के ही चला जाएगा सब धरती का है धरती पर ही रह जाएगा क्योंकि कफन में जेब नही होती शरीर मिट्टी से बना मिट्टी में ही मिल जाएगा ; फिर यह हाहाकार किसके लिये हाँ अगर हमें घमण्ड करना ही है तो अपने परमेश्वर पर करें वो हमारे साथ है वो हमें जानता है इस बात का धन्यवाद दें इतना ही काफी है ।
आमीन
प्रभु आप सबको आशीष दे
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