हम सब भली भांति जानते हैं कि, ख़ुदा ने हमारे लिए क्या किया ,और इस बात की शिकायत भी रहती है कि क्या नहीं किया? क्या कभी अपने सोचा है, कि आपने ख़ुदा के लिए क्या किया और क्या नहीं किया? जैसे आप ख़ुदा से उम्मीद रखते हैं, वैसे ख़ुदा भी तो आपसे उम्मीदें रखता है| उसे आपसे धन दौलत नहीं चाहिए, न ही वो आपसे किसी बलिदान को चाहता है| ख़ुदा ने जिसे भी जिस काम के लिए बनाया है, वो उसे करते रहते हैं| आपने तितलियों ; भंवरों ; मधुमख्खियों को, अपना काम करते हुए देखा होगा| ज़मीन अपने काम में ; नदियां ; हवा ; पेड पौधे बादल सब अपने काम में मस्त हैं| ख़ुदा ने आपके लिए जो नहीं किया, क्या आपका ध्यान उस पर रहता है ; या उसने जो कुछ आपके लिए किया है, उस भी आपका ध्यान रहता है या नहीं,क्या आप उसे दुनिया को बताना चाहते हैं,कि प्रभु ने आपके साथ क्या क्या किया,ख़ामोश मत रहिए क्योंकि खामोश रहना भी एक गुनाह है| आपने कितनी बार उसकी सच्चाई, उसकी वफ़ादरी, उसकी छुटकारे का ज़िक्र किया? गवाई दीजिए चाहे आज चंद शब्दों में ही बता ही दीजिये, ख़ुदा ने आपके लिए क्या किया| आपके पास सारा दिन सारी रात पड़ी है, खुदा भी चाहता है कि आप गवाई दो,यह खुदा की दिली इच्छा है। 
आमीन
प्रभु आपको आशीष दे
रैव्ह राजेश गिरधर
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