अब फिर से क्रिसमस की आहट सुनाई देने लगी| ख़ुशियाँ फ़िज़ाओं में घुलने को हैं| आपको सिर्फ़ क्रिसमस मनाना ही नहीं है, बल्कि दुनियां को एक पैग़ाम भी देना है| अगर अन्यजातियों तक, क्रिसमस का पैग़ाम नहीं पहुंचा, तो हमारा क्रिसमस मनाना व्यर्थ होगा| आप जो कुछ करें, वो सार्थक होना चाहिए| मसीह यीशु, बदलाव का दूसरा नाम है| यीशु है तो, परिवर्तन है| यीशु, रूह की कभी न बुझने वाली प्यास को मिटाता है| अगर आपकी ज़िन्दगी, सूखी ज़मीन की तरह है, तो यीशु के आगमन से उसमें जल के सोते फूट निकलेंगे| दाऊद कहता है, मेरी रूह ख़ुदा की प्यासी है| ऐसी प्यास को सिर्फ यीशु ही मिटा सकता है। एक तरफ़ दुनियां है, जिसके पास सबकुछ है, फ़िर भी वो प्यासी है| इंसान रेगिस्थान के प्यासे हिरण की तरह, भागता फ़िर रहा है। चाहे आपके पास बहुत कुछ ना हो, फिर भी आप संतुष्ट हैं| क्योंकि यीशु आपको, बहते हुए जल के सोतों के पास ले जाता है|

आमीन
प्रभु के जन्म की आप सब को मुबारक हो
रैव्ह राजेश गिरधर
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