ज्योति यानी प्रकाश यानी रोशनी यानी लाईट या उजाला इसकी जरूरत हमे तब पड़ती है जब हमें अन्धेरे को दूर करना होता है,और हम सब का जीवन अन्धकार में है 
दानिय्येल 12:3, मे लिखा हैं, तब सिखाने वालों की चमक आकाश मणडल की सी होगी, और जो बहुतो को धर्मी बनाते हैं, वो सर्वदा तारों के समान प्रकाशमान रहेंगे।…यीशु मसीह जब इस संसार मे आये तब चारो तरफ पाप का घोर अन्धकार था यीशु ने कहा जगत की ज्योति मैं हूँ,  क्योंकि उन्होंने पूरे जगत के लिए अपने प्राण त्यांगे कोई भेद नही कोई पक्षपात नही कोई धर्म जाती नही केवल मनुष्य जाति के लिए।
और वो परमेश्वर का ज्ञान मानव जाति के प्रति बाँटने आए थे और वो ज्ञान था कि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि अपना इकलौता बेटा भी दे दिया ताकि जो कोई उस पर यानी प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करें वो नष्ट न हो परन्तु आनंत जीवन पाए।
परमेश्वर का जीवित वचन बता रहा हैं, परमेश्वर की शिक्षा को देने वालो की चमक आकाश में होगी। कहाँ होगी? (आकाश में) न तो घरो मे न मार्किटो मे अगर होगी तो आकाश मे होगी और लिखा हैं, वो सर्वदा तारों के समान प्रकाशमान रहेंगे।
प्रभु हम सब को आषिश दें,की हम सब प्रभु यीशु के द्वारा कहे गए वचनों को अपने जीवन से पूरा करे कि तुम जगत की ज्योति हो। अब यह ज्योति हमें जगत में फैलानी हैं,अपने स्भाव के द्वारा हम सब प्रभु यीशु मसीह में सदा सर्वदा आनंदित रहे ।।
आमीन
प्रभु आप ज्योती है और हमें भी ज्योती बनाना चाहता है
रैव्ह राजेश गिरधर
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