ग्रुप का मतलब है= गुरु+रूप

       यह जो ग्रुप बनाऐ जाते हैं
सही मायनो में मन मिलाऐ जाते हैं
       बिखरे पड़े थे जो
मोती इधर उधर
       वे सब इक माला
मे पिरोये जाते हैं
       न जाने कब किसका 
उपदेश, किसका वचन
       जीवन नैया पार लगा दे
मानो तो इक रूह का
       रिश्ता है हम सभी का
न मानो तो कौन
       क्या लगता है किसी का
रैव्ह राजेश गिरधर
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