मेरी झोली छोटी पड गई रे, इतना दिआ तूने दाता ।।हमे देने के लिए ख़ुदा के पास, उससे कहीं ज़्यादा आशीषें हैं| लेकिन आशीषें बरकतें यूं ही नहीं मिल जाती| व्यवस्थाविवरण 28:2 में लिखा है —अपने परमेश्वर यहोवा की सुनने के कारण, ये सब आशीर्वाद तुझ पर पूरे होंगे| आशीषित हो तू शहर में ; आशीषित हो तू खेत में ; आशीषित हो तेरी संतान ; और तेरी खेत की उपज ; गाय और भेड़ बकरी आदि के बच्चे| *ख़ुदा कहता है, यदि तू आशीषित है तो, जो कुछ तेरे पास है सब आशीषित होगा| आपको इन आशीषों को पाने के लिए, कोई जप तप करने की ज़रूरत नहीं| विधि, विधानों, रीति, रिवाज़ों को पूरा करने की आवश्यकता नहीं है| बस जो ख़ुदा के बचनो को मानेगा,आज्ञाओं का पालन करेगा, उस पर बरकतों की,आशीषों की बारिश होगी|* आपकी योग्यता का एक ही, पैमाना है, ख़ुदा के वचन के मुताबिक़ चलना| *आशीषित शख़्स कहीं भी चला जाए, वो दूसरों के लिए आशीष का कारण बन जाता है| आशीष वो चीज है, जिसे कोई छीन नहीं सकता, जिसे कोई चुरा नहीं सकता| वचनों का पालन कर, आप बेशुमार आशीषों के हकदार हो जाते हैं| ख़ुदा वचनो पर चलने वालों से बेहद ख़ुश होता है, और जब वो ख़ुश होता है तो आशीषे बरकते ख़ुद बा ख़ुद आपके जीवन में बरसने लगतीं हैं। आमीन
प्रभु की आशीषें आप पर हमेशा बनी रहें
रैव्ह राजेश गिरधर

