टी.बी. को फेफड़ों का रोग माना जाता है, लेकिन यह फेफड़ों से रक्त प्रवाह के साथ शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है, जैसे हड्डी (Bone), हड्डियों के जोड़ (Bone Joints), लिम्फ ग्रंथियां (Lymph Glands), आंत (Intestine), मूत्र व प्रजनन तंत्र के अंग, त्वचा और मस्तिष्क के ऊपर की झिल्ली (Membrane of the Brain) आदि। टीबी एक संक्रामक रोग (Tuberculosis is Infectious)यह एक संक्रामक रोग है और आनुवांशिक नहीं होता है। कोई भी व्यक्ति इस रोग की चपेट में आ सकता है। जब इस रोग से पीड़ित कोई रोगी खुले तरीके से खाँसता या छींकता है, तो टी.बी.…
Author: News India Web
परिचय मौसम बदलते ही गले में खराश होना आम बात है। सामान्य शब्दों में गले में खराश, गले का संक्रमण (Infection) है। आमतौर पर गले का संक्रमण (Infection) वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है। लेकिन ज्यादा गले की खराश (Sore Throat) वायरस के कारण होती है। यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन यह जितने दिन रहता है काफी कष्ट देता है। कारण : • बदलता मौसम में अकसर खराश की समस्या का सामना करना पड़ता है।• कभी कभी खाने पीने की चीज़ों के विपरीत प्रभाव के कारण भी गले में संक्रमण हो सकता है।•…
परिचय आमतौर पर कुछ खाते समय दांतों में उसका अंश फंस जाना, कैविटी, नया दांत निकलना या कोई सख्त चीज़ काटने के कारण दांतों में क्रैक की वजह से भी दांत में दर्द (Toothache) होने लगता हैं। कई बार तो दांत का दर्द कान से लेकर सिर तक चला जाता है जिसके कारण बेहद तकलीफ होती है। दांत का दर्द अधिक होने पर नींद नही आती, इसलिए दांत के दर्द (Danto me Dard) को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिये। कारण : • मसूड़ों में इंफेक्शनयदि किसी भी कारण से मसूड़ों में इंफेक्शन है तो यह दांत दर्द का कारण…
परिचय मनुष्यों के घाव (Wound) में संक्रमण होने से टिटनस होता है जिसका कारण क्लोस्ट्रीडियम टिटानी बैक्टीरिया (Clostridium Tetani Bacteria) है। यही जीवाणु घाव या चोट में विष पैदा करता है जिससे टिटनस हो जाता है। धीरे-धीरे यही जहर पूरे शरीर में फैलने लगता है जिससे स्थिति घातक हो जाती है। टिटनस के कारण कई बार व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। टिटनस में शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होती है और रूक रूक कर दर्द होता है। हालांकि किसी चोट के लगने के बाद यदि तुरंत टिटनस का टीका लगवाया जाए तो इससे होने वाली परेशानियों से…
परिचय टाइफाइड, सल्मोनेला नामक बैक्टीरिया से होने वाला एक संक्रामक रोग है। सल्मोनेला बैक्टीरिया प्रदूषित पेय व खाद्य पदार्थों के सेवन से आंतों में जाकर वहां से रक्त में पहुंच जाता है। बच्चों को वयस्कों की तुलना में टाइफाइड होने की अधिक संभावना होती है। टाइफाइड कैसे फैलता है? (Typhoid Fever Transmission)टाइफाइड सबसे अधिक मुंह के जरिये खाने-पीने की ऐसी प्रदूषित वस्तुओं से फैलता है, जिसमें साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु मौजूद हो। साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया केवल मानव में छोटी आंत में पाए जाते हैं।इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति जब खुले में मल त्याग करता है, तो ये बैक्टीरिया वहाँ से…
परिचय गले में दर्द (Throat ache) सामान्य सर्दी का संकेत भी हो सकता है और वोकल कोर्ड में इंफेक्शन या स्ट्रेप थ्रोट (strep throat) जैसी किसी गंभीर समस्या का लक्षण भी। इसमें गले में चुभन या छिला हुआ महसूस होता है और कुछ खाने में दिक्कत महसूस होती है। गले में दर्द बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकता है, खासकर जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) कमजोर होती है, वह गले के इंफेक्शन से जल्दी प्रभावित होते हैं। गले में इंफेक्शन या दर्द होने पर गला अंदर से लाल और कुछ सूजा हुआ नजर आता है।…
परिचय पेट या छोटी आंतों में होने वाले अल्सर को पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcer) के रूप में जाना जाता है। पेट के पेप्टिक अल्सर को गैस्ट्रिक अल्सर भी कहते हैं। अल्सर आहार और तनाव या फिर पेट में अम्ल (acid) की अतिरिक्त मात्रा जमा होने से होता है। आमाशय का अल्सर पेट के अल्सर से ज्यादा कॉमन बीमारी है। पेप्टिक अल्सर आमाशय और पेट के बीच की पतली सुरक्षा दीवार में घाव के बाद छेद हो जाने से होता है। लंबे समय तक एंटीबायोटिक्स, दर्द और स्टेरॉयड की दवा खाने के अलावा शराब के सेवन से पेट और आमाशय का…
परिचय यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी तथा बड़ी तेजी से पहुँचती है। इसके विषाणु साँस द्वारा एक से दूसरे में पहुँचते हैं। फैलने के बाद फ्लू एक-दो दिन तथा कभी-कभी कुछ घंटों में सक्रिय हो जाता है। बच्चों में वायरल बुखार (Viral Fever in Kids)शिशुओं के लिए वायरल और अधिक कष्टदायी होता है। इससे वे पीले तथा सुस्त पड़ जाते हैं। उन्हें श्वसन तथा स्तनपान में कठिनाई के साथ ही उल्टी-दस्त भी हो सकते हैं। इसके अलावा शिशुओं में निमोनिया, कंठशोथ और कर्णशोथ जैसी जटिलताएँ भी पैदा हो जाती हैं।किसी अन्य रोग के साथ मिलकर…
परिचय व्हूपिंग कफ या काली खांसी (Whooping cough) गंभीर किस्म की खांसी होती है, जो ज्यादातर 5 से 15 वर्ष आयु तक के बच्चों को होती है। इसे कुकुर खांसी भी कहा जाता है। यह खांसी बच्चों में होने वाली एक संक्रामक तथा खतरनाक बीमारी है। यह मुख्यत: श्वसन तंत्र (Respiratory System) को प्रभावित करती है। भारत जैसे विकासशील देश में प्रत्येक एक लाख की आबादी पर 578 बच्चे प्रत्येक वर्ष इस बीमारी से ग्रसित होते हैं। यह रोग लड़कों की तुलना में लड़कियों को ज्यादा होता है। 6 महीने से कम उम्र के बच्चों में इस बीमारी से मृत्यु…
परिचय पीतज्वर में तेज बुखार के कारण जिगर और गुर्दे की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है| जिगर (Liver) के बीमार होने के कारण रोगी को पीलिया हो जाता है और उसकी त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। इसी कारण इस बुखार को यलो फीवर कहते है। पीत ज्वर या पीला बुखार के लक्षण (Symptoms of Yellow Fever)पीतज्वर में अकसर मरीजों को तेज बुखार होता और शरीर पीला पड़ जाता है। साथ ही कई मामलों में तेज ठंड, कपकपी या पीठ दर्द की समस्या भी देखने को मिलती है।यह रोग दस दिन तक रहता है और घातक न हुआ तो…