जैक पूनन | 28 Jan 2024 परमेश्वर ही सब कुछ है जैक पूनन | 28 Jan 2024अगर आप पहले परमेश्वर के राज्य और उसकी धार्मिकता की खोज करेंगे, और सिर्फ परमेश्वर को ही प्रसन्न करना चाहेंगे, तो आपके जीवनों में परमेश्वर की इच्छा के पूरा होने को कोई नहीं रोक सकता क्योंकि पृथ्वी का सारा अधिकार हमारे प्रभु के हाथ में है। यीशु ने पिलातुस के सम्मुख दो महत्वपूर्ण बातें बोली थीं:1. “मेरा राज्य इस संसार का नहीं है, इसलिए मैं पृथ्वी की बातों के लिए युद्ध नहीं करता” (यूहन्ना 18:36)। “हमारा भरोसा और विश्वास हमेशा सिर्फ परमेश्वर में ही होना चाहिए”2. “तेरा मुझ…
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जैक पूनन | 4 Feb 2024 परमेश्वर की सुने जैक पूनन | 4 Feb 2024प्रतिदिन परमेश्वर की आवाज़ सुनने के लिए समय निकाले। एक वाक्यांश जो बाइबल के पहले ही अध्याय में बार-बार आया है वह यह है: “फिर परमेश्वर ने कहा”।परमेश्वर ने जब बेडौल पृथ्वी की पुनः रचना की, तब उन छः दिनों के हरेक दिन में उसने कुछ कहाँ और हर बार जब परमेश्वर बोला, तो वह ज़्यादा बेहतर जगह बनती गई। “हम सब में वही मनोभाव होना चाहिए जो शमुएल में था, जिसने कहा, “बोल, प्रभु, तेरा दास सुनता है।””इसलिए बाइबल के पहले ही पृष्ठ पर हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण…
Bobby Mcdonald | 11 Feb 2024 जब दूसरे हमसे नाराज़ हों Bobby Mcdonald | 11 Feb 2024(प्राचीन – न्यू कोवेनैंट क्रिश्चियन फ़ेलोशिप, कैलिफ़ोर्निया, यूएसए)कभी-कभी हम ऐसी परिस्थितियों में आ जाते हैं जहां लोग हमसे सचमुच क्रोधित हो जाते हैं। जब हम छोटे होते हैं तब भी हम इसका अनुभव करते हैं। उदाहरण के लिए, घर में भाई-बहनों के साथ झगड़े होते हैं, स्कूल में सताने वाले या क्रूर दोस्त होते हैं। जब हम बड़े हो जाते हैं तो शायद सहकर्मी या परिवार वाले हमसे नाराज़ हो जाते हैं और महीनों या सालों तक हमसे बात नहीं करते हैं। हो सकता है कि हमने…
जैक पूनन | 18 Feb 2024 छोटे बनो, बड़े नहीं जैक पूनन | 18 Feb 2024परमेश्वर घमण्डी का विरोध करता है लेकिन दीन पर कृपा करता है। अगर हम परमेश्वर के सामर्थी हाथ के नीचे स्वयं को दीन करेंगे, तो वह उचित समय पर हमें उन्नत करेगा (1 पतरस 5:5,6)।उन्नत होने का अर्थ यह नहीं है कि हम इस संसार में महान् व्यक्ति बन जाते हैं या हम मसीही जगत में मनुष्यों से आदर पाते हैं। यह आत्मिक रूप में उन्नत होने की बात है जिसमें हमारे जीवन में परमेश्वर की इच्छा और सेवा पूरी करने के लिए हमें आत्मिक अधिकार दिया जाता…
जैक पूनन | 25 Feb 2024 जबकि यह बात सच है कि यीशु विश्वासयोग्य लोगों को उनका प्रतिफल देगा (प्रका. 22:12), और यह भी सच है कि हमारे जीवनों की सबसे बड़ी अभिलाषा प्रभु को प्रसन्न करना होनी चाहिए (2 कुरि. 5:9) कि एक दिन हम उससे ये शब्द सुन सकें, “शाबाश, मेरे अच्छे और विश्वासयोग्य दास”, फिर भी यीशु ने हमें सचेत करते हुए कहा है कि ऐसा न हो कि एक स्वर्गीय प्रतिफल पाने की हमारी स्वकेन्द्रित अभिलाषा उसके लिए हमारे बलिदानों और हमारी सेवा का प्रेरणा-स्रोत् बन जाए। जब पतरस ने अपने आपको बेहतर दर्शाते हुए उस धनवान…
जैक पूनन | 3 Mar 2024 सारे मामले परमेश्वर के हाथों में सौंप दे जैक पूनन | 3 Mar 2024जो भी प्रभु की सेवा करता है, वह शैतान के हमलों का निशाना होगा। हम परमेश्वर के लिए जितना ज़्यादा उपयोगी होंगे, उतना ही शत्रु हम पर हमला करेगा। हम इससे बच नहीं सकते। शैतान बदनामी करने, झूठे आरोप लगाने, और मन-गढ़न्त कहानियाँ बनाने के द्वारा हम पर हमला करेगा। और वह हमारी पत्नियों और बच्चों पर भी हमला करेगा।ज़रा उन बुराई से भरी बातों के बारे में सोचें जो यीशु के जीवनकाल में लोगों ने उसके बारे में बोलीं और आज भी बोलते…
जैक पूनन | 10 Mar 2024 दैवीय रूप से नियुक्त अधिकार के अधीन होना जैक पूनन | 10 Mar 2024परमेश्वर सारी सृष्टि में सबसे बड़ा अधिकारी है। इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन परमेश्वर अपना अधिकार दूसरों को भी देता है। सरकारी शासकों, माता-पिताओं, और कलीसियाई अगुवों का क्रमशः समाज में, घर में और कलीसिया में अधिकार होता है।जैसा कि कुछ लोग समझते हैं, कलीसिया कोई लोकतंत्र नहीं है जहाँ हरेक सीधे तौर पर परमेश्वर के प्रति जवाबदेह है। नहीं। मसीह की देह में प्रभु द्वारा ऐसे अधिकारी नियुक्त किए गए हैं हमें जिनके अधीन रहना है और कलीसियाई मामलों में जिनका आज्ञापालन…
जैक पूनन | 24 Mar 2024 बीमारी के बारे में सच्चाई जैक पूनन | 24 Mar 2024बीमारी हमारी आत्मिक शिक्षा के उन पाठ्यक्रमों में से एक है जिसमें हमें अपनी सांसारिक यात्रा पूरी करने से पहले स्नातक होना पड़ता है। यीशु, हमारे अग्रदूत, ने भी इस पाठ्यक्रम में स्नातक किया। आइए हम वचनों को निष्पक्ष मन से देखें:यशायाह 53:3 कहता है, “उसे मनुष्यों ने तुच्छ जाना और अस्वीकार किया था, वह एक दुःखी मनुष्य था जो जानता था कि बीमारी क्या होती है” (होल्मन क्रिश्चियन स्टैंडर्ड बाइबल)।इस पृथ्वी पर अभिशाप के कारण मनुष्य में बीमारी आती है। परिणामस्वरूप, हमें पसीना भी आता है…
नई वाचा की भविष्यवाणी का अभ्यास करना Bobby McDonald | 31 Mar 2024नई वाचा की भविष्यवाणी का अभ्यास करना – बॉबी मैक्डोनाल्ड(प्राचीन, एन.सी.सी.एफ. कलीसिया, सैन जोस, कैलिफ़ोर्निया, यू.एस.ए.) “यीशु हमेशा सरलता से बात करते थे। वह जो भी सिखाते थे उसमें व्यावहारिक थे – और उनके शब्दों को समझना हमेशा आसान होता था। “”भविष्यद्वाणी करने की धुन में रहो…” (1 कुरिं. 14:39)। 1. परिभाषा: “भविष्यवाणी” का अर्थ लोगों से “शिक्षा, उपदेश और सांत्वना” के लिए बात करना है – या दूसरे शब्दों में, “प्रोत्साहन, बल और विश्राम देने” के लिए (1 कुरिन्थियों 14:3 – एन.एल.टी.)। इब्रानियों 3:13 में हमें एक-दूसरे को प्रेम से प्रोत्साहित करने…
सूक्ष्म श्वास नलियों में कोई रोग उत्पन्न हो जाने के कारण जब किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगती है तब यह स्थिति दमा रोग कहलाती है, इस रोग में व्यक्ति को खांसी की समस्या भी होती है। कारण : • औषधियों का अधिक प्रयोग करने के कारण कफ़ सूख जाने से दमा हो जाता है।• अस्थमा या एलर्जी का पारिवारिक इतिहास (आनिवांशिक दमा)• खान-पान के गलत तरीके से यह रोग हो सकता है।• मानसिक तनाव, क्रोध तथा अधिक भय के कारण भी दमा होने का एक कारण है।• खून में किसी प्रकार से दोष उत्पन्न हो जाने…